अस्थायी राजधानी देहरादून समेत कोटद्वार में आफत की बारिश छह की मौत

उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं. भारी बारिश से पौड़ी जनपद के कोटद्वार में छह लोगों के मारे जाने की खबर है. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अतिवृष्टि में मृतकों के प्रति गहरा दुःख व्यक्त किया है.
मिली जानकारी के अनुसार जनपद पौड़ी के कोटद्वार में रात्रि में लगातार भारी बारिश होने के कारण आमपडाव, लकड़ीपडाव, रिफ्यूजी कॉलोनी, देवी रोड, मालकोट, बलभद्रपुर, नयागांव आदि क्षेत्रों में जलभराव होने से उक्त क्षेत्रों में लोगों के घरों में पानी घुसने से उनका घरेलू सामान खराब हो गया है.

बारिश के कारण लक्ष्य अरोडा पुत्र चंद्र प्रकाश अरोड़ा निवासी रिफ्यूजी कॉलोनी कोटद्वार, उम्र 25 वर्ष की उसकी दुकान में पानी भरने से मृत्यु हो गई, ज्योति अरोड़ा पत्नी बबली अरोड़ा निवासी रिफ्यूजी कॉलोनी कोटद्वार उम्र करीब 35 वर्ष की मृत्यु घर में पानी के बहाव में बहने से हुयी जिसे एनडीआरएफ टीम की मदद से ढूढा गया. शांति देवी पत्नी राम सिंह निवासी मानपुर कोटद्वार उम्र 60 वर्ष की मकान की दीवार गिरने के कारण उसमें दबने से मृत्यु हो गई तथा अजय कुमार पुत्र बालक राम निवासी मानपुर, कोटद्वार उम्र 39 वर्ष की घर में पानी घुसने से घबराहट होने के कारण मृत्यु होना बताया गया.

कोटद्वार क्षेत्र अंतर्गत विद्युत आपूर्ति बाधित तथा बीएसएनएल की लैंडलाइन सेवा बाधित है. साथ ही रिफ्यूजी कॉलोनी में स्थित हरेंद्र भाटिया के मकान में पानी भरने से उसके घर में रखें इनवर्टर में शार्ट सर्किट होने से उसके पास रखे गैस सिलेंडर में आग लगने से घर में आग फैल गयी, जिसमे हरेंद्र भाटिया पुत्र ओमप्रकाश भाटिया,उम्र 48 वर्ष एवं उनकी पत्नी रेणु भाटिया उम्र 42 वर्ष एवं पुत्र राहुल भाटिया उम्र 19 वर्ष के आग में झुलसने के कारण उन्हें गंभीर हालत में संयुक्त चिकित्सालय कोटद्वार में भर्ती कराया गया है . उक्त क्षेत्र में एनडीआरएफ एवं स्थानीय पुलिस, प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है.

प्रदेश में हुई भारी बरसात के चलते देहरादून शहर के साथ-साथ नदी रिस्पना से सटे क्षेत्रों जिनमे पूरन बस्ती, इन्दर रोड़, संजय कॉलोनी, मोहिनी रोड़, बलबीर रोड़, तेगबहादुर रोड़, डीएल रोड़ आदि में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसका संज्ञान लेते हुए राजपुर विधानसभा से पूर्व विधायक राजकुमार द्वारा मौके पर निरीक्षण किया गया साथ ही प्रभावितों से मिलकर उनका हाल जानने का प्रयास किया गया.