यहां दौड़ी देश की सबसे ऊंची मेट्रो

दिल्ली मेट्रो ने पिंक लाइन मजलिस पार्क से शिव विहार के बीच के मायापुरी से साउथ कैंपस तक के खंड पर ट्रायल रन की तैयारी शुरू कर दी है. इसके तहत बुधवार को धौला कुआं में देश की सबसे अधिक ऊंचाई पर मेट्रो दौड़ी.

दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता के अनुसार इस खंड पर अगले कुछ दिनों में ट्रायल रन शुरू होने वाला है. इससे जुडी तैयारियों के तहत बुधवार को इस खंड पर मेट्रो चलाई गई. धौला कुआं पर पटरी की ऊंचाई सात मंजिला इमारत के बराबर है और मेट्रो नेटवर्क की सबसे ऊंची पटरी है. यहां ट्रेन की पटरी धौला कुआं फ्लाईओवर और एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस की पटरी के ऊपर बनाई गई है.

इससे पहले कड़कड़डूमा में मेट्रो पटरी की सबसे अधिक ऊंचाई थी जो 19 मीटर थी. मायापुरी से साउथ कैंपस के बीच के खंड पर ट्रेन परिचालन के विभिन्न पहलुओं की जांच की गई. पिंक लाइन के शकुरपुर से मायापुरी तक के 6.5 किलोमीटर लंबे खंड पर पिछले महीने से ट्रायल रन चल रहा है. पिंक लाइन राजधानी के रिंग रोड के काफी लंबे हिस्से को कवर करेगी. चालू होने के बाद यह मेट्रो की सबसे लंबी लाइन होगी. यह दिल्ली मेट्रो की जीवन रेखा के रूप में काम करेगी और इस पर सबसे अधिक दस इंटरचेंज स्टेशन होंगे.

रिंग रोड पर तैयार हो रही यह मेट्रो लाइन पहले से बनी एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो लाइन और फ्लाईओवर के ऊपर से गुजरेगी. तीसरे चरण में मजलिस पार्क से शिव विहार के बीच बनाई जाने वाली 59 किलोमीटर लंबी लाइन का यह हिस्सा होगा.

पहले से बने एलिवेटेड कॉरिडोर के ऊपर से गुजरने वाले नए कॉरिडोर के तहत कड़कड़डूमा मेट्रो स्टेशन, मयूर विहार तथा आनंद विहार मेट्रो स्टेशन शामिल है. इन स्टेशनों और ट्रैक बिछाते समय कोरिडोर के निर्माण में यह भी ध्यान रखा जाएगा कि मेट्रो ट्रेन की ऊंचाई से ओएचई की ऊंचाई छह मीटर और अधिक हो. इसी प्रकार जमीन के नीचे भी आधुनिक मशीनों के माध्यम से ट्रैक बिछाया जाएगा. जो मौजूदा ट्रैक के नीचे करीब अठारह मीटर गहराई में गुजरेगा. ट्रैक के इस हिस्से को बनाने में 37 मीटर लंबे 13 सेंगमेंट का इस्तेमाल किया गया. जिनका भार करीब 585 टन है. इन सेगमेंट को करीब 350 टन भार वाले लॉन्चर की मदद से एक दूसरे से जोड़ा जा रहा है.

प्रमुख विशेषताएं

पहली बार इतनी ऊंचाई पर होगा एलिवेटिड कोरिडोर के ऊपर नया एलिवेटिड कोरिडोर.
मौजूदा अंडरग्राउंड स्टेशनों के मुकाबले और बेहतर बनेंगे नए अंडरग्राउंड स्टेशन व ट्रैक.
टीबीएम के माध्यम से टनल की खुदाई का अनूठा तरीका.
व्यस्ततम धौला कुंआ व रिंग रोड और पूर्वी दिल्ली में निर्माण के दौरान यातायात बाधित नहीं होने दिया जा रहा है.