चमोली के बाराहोती में चीनी सैनिकों ने की घुसपैठ

चमोली, सिकिक्म सीमा पर भारत और चीन में जारी तनातनी के बीच उत्‍तराखंड के चमोली जिले के भारत-चीन सीमा क्षेत्र बाराहोती में भारतीय सीमा में चीनी सैनिकों की घुसपैठ की खबरें हैं. सूत्रों के मुताबिक भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की चीन यात्रा से एक दिन पहले 25 जुलाई को चीनी सैनिक 800 मीटर से एक किलोमीटर अंदर तक भारतीय सीमा में घुस आए थे. हालांकि आईटीबीपी के जवानों के विरोध के बाद पड़ोसी देश के सैनिक वापस लौट गए थे. बाराहोती सीमा पर भारतीय सेना और चीनी सैनिकों के बीच कोई विवाद नहीं है.

 

भारत ने इसके बाद साफ किया है कि इस तरह की घुसपैठ को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. लद्दाख और सिक्किम सीमा पर चीनी सैनिकों की घुसपैठ होती रही है. बाराहोती में भी चीनी सैनिकों की घुसपैठ नई है.चीनी सैनिक घुसपैठ वाले इलाके को अपना क्षेत्र बता रहे थे हालांकि भारतीय जवानों ने साफ किया कि यह भारतीय इलाका है.

 

उल्लेखनीय है कि सिक्किम के डोकलाम में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच पिछले करीब डेढ़ महीने से तनाव का माहौल है. डोकलाम इलाके में चीनी सैनिकों द्वारा सड़क बनाने का भारत विरोध कर रहा है. भारत इसे अपनी सुरक्षा के लिहाज से खतरा बताता रहा है. डोकलाम में घुसपैठ के बाद चीनी मीडिया और सेना ने कई बार भारत को युद्ध की धमकी तक दे दी है. हालांकि भारत ने डोकलाम पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए ही हो सकता है.

 

इसके अलावा वर्ष 2014 में भी यहां चीन का विमान देखा गया था. जुलाई 2016 में क्षेत्र के निरीक्षण को गई राजस्व की टीम से भी चीनी सेना का सामना हुआ था. सैनिकों ने टीम को लौट जाने का इशारा भी किया और इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी गई. इतना ही नहीं वर्ष 2015 में चीनी सैनिकों द्वारा चरवाहों के खाद्यान्न को नष्ट करने की घटना भी सामने भी आई थी.

इस मामले में चमोली के डीएम आशीष जोशी का कहना है कि ऐसी हाल में कोई घटना नहीं हुई है. वहीं, प्रमुख सचिव गृह उमाकांत पंवार ने भी ऐसी घटना से साफ इन्‍कार किया है.