उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी वेद उनियाल पंच तत्व में विलीन

देहरादून, उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता राज्य व आन्दोलनकारी वेद उनियाल का लम्बी बीमारी के कारण रविवार (आज) प्रातः देहांत हो गया.जिनका अंतिम संस्कार हरिद्वार में किया गया. स्वर्गीय वेद उनियाल ने अपना राजनीतिक जीवन छात्र राजनीति से शुरू किया. वे डीएवी डिग्री कॉलेज के छात्र संघ के महासचिव रहे. वेद उनियाल एक चिंतक, कुशल वक्ता एवं राजनीतिक विशेषज्ञ के रुप मे माना जाता रहा है. उत्तराखंड राज्य प्राप्ति आंदोलन में स्वर्गीय इन्द्रमनी बडोनी के साथ प्रतिभागी बने. वेद उनियाल का जाना एक बहुत बड़ी क्षति है जिसे भरा नहीं जा सकता है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिह ने उत्तराखण्ड क्रान्ति दल के संस्थापक सदस्य एवं राज्य निर्माण के अग्रणी आन्दोलनकारी वेद उनियाल के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है. अपने शोक संदेश में प्रीतम सिंह ने कहा कि स्व. उनियाल ने उत्तराखण्ड राज्य निर्माण आन्दोलन में अग्रणी भूमिका का निर्वहन करते हुए राज्य निर्माण में अपना अविस्मरणीय योगदान दिया जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है.

उनका आकस्मिक निधन उनके परिवार ही नहीं पूरे उत्तराखण्ड की अपूर्णीय क्षति है. स्व. उनियाल ने राज्य आन्दोलन को एक नई गति प्रदान करने में अपनी अलग पहचान बनाई थी जिसके लिए वे सदैव याद किये जाते रहेंगे. प्रीतम सिंह ने शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि उनके इस असहनीय दुःख की घड़ी में हम सब बराबर के सहभागी हैं.

ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति देवें.
उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट, महामंत्री विजय सारस्वत, प्रदेश कांग्रेस के मुख्य समन्वयक राजेन्द्र शाह, मुख्य प्रवक्ता मथुरादत्त जोशी, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, डॉ. संजय पालीवाल, नवीन जोशी, प्रमोद कुमार सिंह, भरत शर्मा, गिरीश पुनेड़ा, महन्त विनय सारस्वत, प्रवक्ता गरिमा दसौनी, दीप बोहरा, राजेश पाण्डे, अनूप पासी आदि कांग्रेसजनों ने भी वेद उनियाल के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है. प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित शोकसभा में कांग्रेसजनों ने स्व0 उनियाल को श्रद्धांजलि अर्पित की.