पाकिस्तान: अयोग्य घोषित हुए नवाज़ सरीफ, पीएम एवं पार्टी अध्यक्ष पद से हटाये गए

पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट द्वारा पनामागेट मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है . प्रधानमंत्री के तौर पर नवाज का यह तीसरा कार्यकाल है. तीनों बार वह अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए हैं. पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के कोर्टरूम संख्या 1 में पांच-सदस्यों की खंडपीठ ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया. पांचों जजों ने सर्वसम्मति से नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य करार दिया. साथ ही, उन्हें पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) का अध्यक्ष पद छोड़ने को भी कहा गया है. कोर्ट ने कहा कि नवाज पार्टी अध्यक्ष होने के योग्य नहीं हैं. मालूम हो कि 14 अगस्त को पाकिस्तान की स्थापना के 70 साल पूरे हो जाएंगे, लेकिन इतने सालों में पाकिस्तान का कोई भी प्रधानमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सका है.

फैसला सुनाते हुए जजों ने कहा कि नवाज पाकिस्तानी संसद और अदालतों के प्रति ईमानदार नहीं रहे हैं और इसीलिए वह PM पद पर नहीं बने रह सकते हैं. पाकिस्तानी संविधान के अनुच्छेद 62 और 63 के आधार पर सुप्रीम कोर्ट बेंच ने 5-0 बहुमत से नवाज को PM पद के लिए अयोग्य घोषित किया. सुप्रीम कोर्ट द्वारा 18 जुलाई को की गई टिप्पणी में ही इस फैसले का संकेत मिल गया था. कोर्ट ने नवाज के सामने 2 विकल्प रखे थे- एक तो यह है कि इस केस से जुड़े तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट खुद फैसला सुनाए या फिर यह मामला नैशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो (NAB) को सौंप दिया जाए.

फैसला सुनाते हुए जस्टिस एजाज अफजल खान ने कहा, ‘नवाज शरीफ अब पाकिस्तानी संसद के ईमानदार और समर्पित सदस्य होने के योग्य नहीं हैं. उन्हें प्रधानमंत्री का पद छोड़ना होगा.’ पाकिस्तान चुनाव आयोग ने तत्काल नवाज की योग्यता को खारिज करने का आदेश दिया है. आयोग कोर्ट ने मरियम, हसन, हुसैन और इसाक डार के खिलाफ दायर मामलों की जांच का काम NAB को सौंपा है. NAB पाकिस्तान की सबसे बड़ी भ्रष्टाचार निरोधी संस्था है. यह एक स्वायत्त और संवैधानिक बॉडी है, जिसका काम भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई करना है. जस्टिस एजाज ने कहा कि JIT द्वारा इस केस से जुड़ी जो भी चीजें जमा की गई हैं उन्हें 6 हफ्तों के भीतर NAB के पास भेजा जाए. नवाज के खिलाफ दायर मामलों में आगे की जांच भी NAB को सौंपी गई है. कोर्ट ने NAB को सुनवाई शुरू होने के 30 दिनों के भीतर फैसला सुनाने का निर्देश दिया है.