डोभाल-जिएची की मुलाकात, चीन ने ‘प्रमुख समस्याओं’ को उठाया

बीजिंग|….. सीमा पर जारी गतिरोध के बीच गुरुवार को चीन की राजधानी में ब्रिक्स देशों के सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) की बैठक से इतर चीन के शीर्ष राजनयिक यांग जिएची ने भारत के एनएसए अजीत डोभाल के साथ बैठक के दौरान नई दिल्ली के साथ संबंधों की ‘प्रमुख समस्याओं’ को उठाया. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों शीर्ष राजनयिकों ने अलग से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों पर विचारों का आदान-प्रदान किया.

यह हालांकि तत्काल पता नहीं चल पाया है कि चर्चा के दौरान सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच गतिरोध को लेकर उनके बीच बातचीत हुई है या नहीं. दोनों पक्षों के बीच गतिरोध दूसरे महीने में प्रवेश कर गया है. सिन्हुआ के मुताबिक, चीन के स्टेट काउंसिलर यांग ने दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील तथा भारत के सुरक्षा प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठक की और ‘द्विपक्षीय संबंधों व प्रमुख समस्याओं पर चीन के रुख का उल्लेख किया.’

यांग ने द्विपक्षीय संबंध, अंतर्राष्ट्रीय व क्षेत्रीय मुद्दों तथा बहुपक्षीय मामलों को लेकर तीनों वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ अलग से विचारों का आदान-प्रदान किया और द्विपक्षीय संबंधों व प्रमुख समस्याओं पर चीन के रुख का उल्लेख किया.डोकलाम में भारत तथा चीन के बीच गतिरोध विवाद का एक बड़ा मुद्दा बन गया है, जिसके बारे में कुछ विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि यह युद्ध का रूप ले सकता है.

सोमवार को ‘ग्लोबल टाइम्स’ के एक संपादकीय में कहा गया था कि भारत को डोभाल के दौरे से यह उम्मीद नहीं लगानी चाहिए कि सीमा गतिरोध का समाधान निकल आएगा.डोकलाम में चीन, भारत तथा भूटान तीनों देशों की सीमाएं आकर मिलती हैं और इसका तीनों देशों के लिए रणनीतिक महत्व है.चीन ने बार-बार भारत से डोकलाम से अपने सैनिकों को वापस बुलाने के लिए कहा है. डोकलाम को चीन अपना भूभाग मानता है. भारत ने कहा है कि दोनों देशों के सैनिकों को उस जगह से हटना चाहिए, क्योंकि यह उसके सहयोगी देश भूटान का हिस्सा है.

भारतीय सेना ने जून में चीनी सैनिकों द्वारा इस इलाके में सड़क निर्माण पर रोक लगा दी थी, जिसके कारण दोनों देशों के सैनिकों के बीच ठन गई थी. डोकलाम में दोनों देशों के सैनिकों के बीच गतिरोध का यह दूसरा महीना है.भूटान का चीन के साथ कोई कूटनीतिक संबंध नहीं है. उसने भी डोकलाम में चीन द्वारा सड़क निर्माण का विरोध किया है.