मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को भेजा 2022 तक का रोड मैप

प्रदेश के विकास की अवधारणा को साकार करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बजट 2017-18 में कृषि, शिक्षा, पेयजल, साक्षरता जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया है. जिसमें वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करना, शत-प्रतिशत भूमिहीन/आवासहीन परिवारों को आवास उपलब्ध कराना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 5 लाख बेरोजगार युवाओं, किसानों, महिलाओं को कुशल व दक्ष बनाना, जल संचय एवं जल संवर्द्धन को मिशन रूप में चलाना आदि प्रमुख है. इसी प्रकार से वर्ष 2019 तक शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य रखा गया है.

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव मुख्यमंत्री द्वारा सभी जिलाधिकारियों को एकीकृत कार्ययोजना (Integrated Action Plan) के अनुसार क्रियान्वयन करने के निर्देश दिये गये है, ताकि इन क्षेत्रोें में समय से लक्ष्य प्राप्त किये जा सके.
सचिव मुख्यमंत्री अमित नेगी ने बताया है कि सभी जिलाधिकारियों को एकीकृत कार्ययोजना (Integrated Action Plan) के अनुसार कार्यवाही करने के निर्देश जारी कर दिये गये है. सभी जिलाधिकारियों को इस कार्ययोजना के अनुसार कार्यवाही करते हुए 03 सप्ताह के अन्दर मुख्यमंत्री जी के समक्ष प्रस्तुतीकरण देना होगा.  सचिव मुख्यमंत्री द्वारा बताया गया है कि जिन बिन्दुओं पर जिलाधिकारियों को विशेष रूप से फोकस करना है, उसके अनुसार वर्ष 2022 तक कृषकों की आय दोगुनी करना है.

इसके लिए कम से कम 10 कलस्टर आधारित कृषि विकास अवधारणा को अपनाते हुए कृषि, उद्यान, पशुपालन, दुग्ध, मत्स्य, सिंचाई, लघु सिंचाई एवं सहकारिता की एकीकृत योजना पर जोर दिया जाय. कृषि से संबंधित प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जुड़े विभागों के साथ समन्वय बैठके एवं होमवर्क किया जाय. ग्रामीण सड़के, ड्रेनेज, ठोस एवं तरल कूड़ा प्रबंधन, ग्रामीण स्ट्रीट लाईट, पंचायत घर, आंनगबाड़ी केन्द्र, प्राथमिक स्कूल, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, ग्रामीण हाट, ग्रामीण कम्प्यूटरीकरण इत्यादि के तहत विभिन्न मदों में 14वें वित्त आयोग से प्राप्त होने वाली धनराशि से ग्रामीण अवस्थापना से संबंधित योजनाओं के नियोजन एवं क्रियान्वयन किया जाय.

 

वर्ष 2022 तक शत-प्रतिशत भूमिहीन/आवासहीन परिवारों को आवास उपलब्ध करवाने का लक्ष्य सरकार के बजट भाषण में रखा गया है. इस दिशा में जिलाधिकारी कार्यवाही करते हुए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठकें करते हुए उसकी रिपोर्ट शासन को भेजेंगे. वर्ष 2022 तक प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अन्तर्गत 5 लाख बेरोजगार युवाओं, किसानों, महिलाओं को कुशल व दक्ष बनाना है. इसके लिए जिलाधिकारी वर्षवार/सैक्टरवार लक्ष्य निर्धारित करते हुए कार्ययोजना तैयार करेंगे. वर्ष 2022 तक जल संचय एवं जल संवर्द्धन मिशन के अन्तर्गत पारम्परिक स्रोतो को रिचार्ज कर 4-5 दशक पूर्व की जल उपलब्धता को पुनस्र्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए प्रत्येक जिलाधिकारी द्वारा अपने जिले में एक-एक Rainfed River का चयन करते हुए Rejuvenation तैयार करेंगे.

स्वच्छ भारत अभियान (शहरी) का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए शहरी आबादी में शत-प्रतिशत शौचालय के साथ-साथ ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु वैज्ञानिक तकनीक का उपयोग सुनिश्चित किया जायेगा. साथ ही समस्त नगरीय/अर्द्धनगरीय क्षेत्रों में शौचालय निर्माण, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, सीवरेज ढांचा एवं नाला टैपिंग इत्यादि से संबंधित निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित योजनाओं की गहन समीक्षा कर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जायेगा. उत्तराखण्ड बनने के बाद से वर्तमान तिथि तक व्यक्तिगत लाभार्थियों की पंचायतवार सूची तैयार की जायेगी, ताकि व्यक्तिगत/लाभार्थीवार विभिन्न कार्यान्वित योजनाओं जैसे अनुदान, पेंशन व अन्य जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं से मिले लाभ के सापेक्ष कार्यान्वित योजनाओं की सफलता का परीक्षण किया जा सके.

कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों के लिए पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आंगनबाड़ी केन्द्रों में RUTF की आपूर्ति करवाते हुए टेक होम राशन की आपूर्ति महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से करवाने की कार्ययोजना तैयार की जायेगी. वर्ष 2019 तक शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य हासिल करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाय. इन सब बिन्दुओं के अतिरिक्त प्रत्येक जिलाधिकारी द्वारा अपने क्षेत्र से संबंधित पांच Problems Area तमं का चिन्हिीकरण करते हुए उनके समाधान हेतु विभिन्न आयामों से संबंधित कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजनी होगी.