मुंबई में रिहायसी इमारत गिरने से 12 लोगों की मौत, 11 अन्य घायल

मुंबई के उपनगर घाटकोपर में मंगलवार को चार मंजिला एक आवासीय इमारत के ढह जाने से एक शिशु और चार महिलाओं सहित 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य घायल हो गए.

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख महेश नारवेकर ने बताया कि रात नौ बजे तक 23 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया, जिनमें से 12 को मृत घोषित कर दिया गया जबकि 11 घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.

उन्होंने बताया कि तलाश और बचाव अभियान जारी रहेगा. मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने भी मंगलवार रात घटनास्थल का दौरा किया. बीएमसी के मुख्य दमकल अधिकारी पी एस रहांगडाले ने बताया, ‘शुरू में आठ लोगों के मारे जाने की बात कही गई थी, जो गलत थी. दरअसल हताहतों को एक से दूसरे अस्पताल में भेजने के दौरान संख्या को लेकर भ्रम हुआ.’

इमारत में रहने वाले एक व्यक्ति ने दावा किया कि भूतल पर कुछ वाणिज्यिक गतिविधियां हो रही थीं और इमारत गिरने की यह वजह हो सकती है. रहांगडाले ने बताया कि सात मृतकों में एक तीन महीने का शिशु और चार महिलाएं है.

महाराष्ट्र के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंतिवार के मुताबिक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना की जांच का आदेश दिया है. मुनगंतिवार के अनुसार फडणवीस ने बीएमसी आयुक्त से 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने को कहा है.

मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को भी काम में लगाया गया. घाटकोपर के दामोदर पार्क इलाके में स्थित इस इमारत में करीब 15 परिवार रहते थे.

रहांगडाले ने बताया, ‘करीब 75 प्रतिशत मलबा हटा लिया गया है और खोज अभियान जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मलबे में कहीं और तो नहीं दबा है.’ बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि नगर निकाय के नियंत्रण कक्ष को इस दुर्घटना के बारे में सुबह करीब 10.43 बजे फोन के जरिए जानकारी मिली.

उन्होंने बताया कि चार दमकल गाड़ियों, एक बचाव वाहन और एक एंबुलेंस को घटनास्थल पर तुरंत भेजा गया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने सुबह तेज आवाज सुनी जैसी मानसून के दौरान बिजली कड़कने से होती है.

बगल में रहने वाले एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, ‘इसके बाद मैं अपने घर से बाहर निकला और धूल का गुबार नजर आया, चीख पुकार सुनी. मैंने इमारत का कुछ हिस्सा गिरा हुआ देखा.’ स्थानीय लोगों के मुताबिक यह 35 साल पुरानी इमारत थी.

पिछले कुछ दिनों में शहर और इसके उपनगर में भारी बारिश हुई है, हालांकि सोमवार से कुछ राहत मिली है. मुंबई पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर यातायात रोककर उन्हें ‘ग्रीन कॉरिडोर’ प्रदान किया. स्थानीय लोगों के मुताबिक इमारत खतरनाक की सूची में नहीं थी.