पाकिस्तान से धन लेने में हुर्रियत के 7 नेता गिरफ्तार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी तथा आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए कथित तौर पर पाकिस्तान से धन लेने के मामले में सोमवार को सात कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार किया. श्रीनगर में जम्मू एवं कश्मीर पुलिस के सूत्रों तथा दिल्ली में एनआईए के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि गिरफ्तार नेताओं में नईम खान, फारूक अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे, अल्ताफ अहमद शाह, शाहिद-उल-इस्लाम, अयाज अकबर, पीर सैफुल्ला तथा राजा मेहराजुद्दीन कलवल शामिल हैं. कराटे को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य को श्रीनगर में गिरफ्तार किया गया.

 

गिरफ्तारियों को ‘बदले की कार्रवाई तथा मनमाना’ करार देते हुए हुर्रियत नेतृत्व ने घाटी में मंगलवार को बंद का आह्वान किया है.अल्ताफ शाह जम्मू एवं कश्मीर को पाकिस्तान के साथ मिलाने की पैरवी करने वाले हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली गिलानी के दामाद हैं. वहीं, शाहिद इस्लाम हुर्रियत के नरमपंथी धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक के करीबी सहयोगी हैं. अकबर, गिलानी की अगुवाई वाले हुर्रियत के प्रवक्ता है.

 

एनआईए के एक अधिकारी ने कहा कि श्रीनगर में गिरफ्तार छह नेताओं को बाद में दिल्ली लाया गया. उन्हें मंगलवार को पटियाला हाउस अदालत में एनआईए के विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आगे की पूछताछ के लिए अदालत से उनकी हिरासत की मांग की जाएगी.अधिकारी ने एनआईए द्वारा इकट्ठा किए गए नए सबूतों के संबंध में कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया, लेकिन पुष्टि की कि और लोगों की गिरफ्तारियां हो सकती है, क्योंकि एजेंसी को और साक्ष्य मिले है.

 

उन्होंने गिलानी सहित हुर्रियत के अन्य नेताओं तथा जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के नेता यासिन मलिक को समन जारी करने की संभावना को खारिज नहीं किया है. मलिक ने एजेंसी की कार्रवाई को ‘बदले की भावना तथा मनमाना’ करार देते हुए मंगलवार को ‘कश्मीर बंद’ आहूत किया है. नई दिल्ली बीते कई दशकों से इस्लामाबाद पर कश्मीरी अलगाववादियों का धन मुहैया कराने, हथियार मुहैया कराने तथा उन्हें प्रशिक्षित करने का आरोप लगाता रहा है. ऐसा पहली बार हुआ है कि पाकिस्तान से धन लेने के आरोप में हुर्रियत के इतने सारे नेताओं को गिरफ्तार किया गया है.

 

गिलानी की अगुवाई वाले हुर्रियत ने नईम खान को एक टीवी स्टिंग ऑपरेशन में यह स्वीकार किए जाने के बाद निलंबित कर दिया था कि हुर्रियत के नेता कश्मीर घाटी में विध्वंसक गतिविधियों के लिए पाकिस्तान से धन लेते रहे हैं.एनआईए ने मई 2017 में हुए इस खुलासे के बाद उक्त लोगों से पूछताछ की थी. शाह से दिल्ली में लगभग दो सप्ताह तक पूछताछ की गई थी.एनआईए ने श्रीनगर, जम्मू, दिल्ली तथा हरियाणा में छापेमारी की थी और कथित तौर पर पाकिस्तान से आने वाले धन को लेने वाले, मध्यस्थता करने वाले तथा अंतिम लाभार्थियों से संबंधित सबूत बरामद किए थे.

 

एनआईए ने अपनी प्राथमिकी में पाकिस्तान के जमात-उद-दावा व प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद को आरोपी के रूप में नामजद किया है. इसके अलावा हुर्रियत, हिजबुल मुजाहिदीन तथा दुख्तरान-ए-मिल्लत जैसे संगठनों को भी नामजद किया है. छापेमारी के दौरान एनआईए ने कई खाते, दो करोड़ रुपये नकद तथा लश्कर व हिजबुल सहित प्रतिबंधित आतंकवादी समूहों के लेटरहेड बरामद किए थे.एनआईए ने संपत्ति से संबंधित कागजात, पेन ड्राइव, लैपटॉप, मोबाइल फोन, फोन डायरी, रसीद तथा वाउचर बरामद किए थे, जिससे हवाला के जरिए भुगतान का खुलासा हुआ है.