प्रसिद्ध भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिक यू.आर राव का निधन

बेंगलुरु, इसरो के पूर्व अध्यक्ष उडुपी रामचंद्रन राव (यू आर राव) का बेंगलुरु स्थित उनके आवास पर सोमवार को निधन हो गया. वह 84 वर्ष के थे. उन्होंने भारत की पहली सैटेलाइट बनाई थी. अंतरिक्ष वैज्ञानिक प्रोफेसर राव कुछ समय से बीमार चल रहे थे. इसी साल उन्हें पदम विभूषण से भी सम्मानित किया गया था. वहीं उनकी मृत्यु पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी शोक प्रकट किया है. अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री ने लिखा, “प्रोफेसर यूआर राव के निधन से आहत हूं, भारत के स्पेस प्रोग्राम के लिए उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा.”

उडुपी रामचंद्रन राव को भारत की अंतरिक्ष और उपग्रह क्षमताओं के निर्माण और देश के विकास में उनके अनुप्रयोगों का श्रेय जाता है. उन्होंने 10 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड और कई राष्ट्रीय अवॉर्ड भी जीते थे. 1972 में उन्होंने भारत में उपग्रह प्रौद्योगिकी की स्थापना का दायित्व संभाला था. पिछले कई सालों से राव विदेशी यूनिवर्सिटी समेत कई संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत थे. राव 1984 से 1994 तक इसरो के अध्यक्ष रहे.

राव के दिशानिर्देशन में ही 1975 में पहले भारतीय उपग्रह आर्यभट्ट से लेकर 20 से अधिक उपग्रहों को डिजाइन , तैयार किया गया और अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया. 2016 में राव को इंटरनेशनल एरोनॉटिकल फेडरेशन (आईएएफ) के हॉल ऑफ फेम में जगह दी गई.