चमोली : भारी बारिश के बाद बद्रीनाथ हाईवे पर आया मलबा, रोके गए 315 यात्री

भारी मानसूनी बारिश के कारण एहतियातन रविवार को बद्रीनाथ हाईवे पर लामबगड़ में दोपहर दो बजे बाद पुलिस ने बद्रीनाथ धाम जा रहे यात्रा वाहनों की आवाजाही रोक दी.

लामबगड़ में चट्टान से रुक-रुककर पत्थर और मलबा हाईवे पर आ रहा है, जिससे बद्रीनाथ में 120 और लामबगड़ में 45 तीर्थयात्री रोके गए हैं, जबकि पांडुकेश्वर में बद्रीनाथ धाम जा रहे करीब 150 तीर्थयात्रियों को रोका गया है.

रविवार सुबह से ही बद्रीनाथ हाईवे सुचारु था, लेकिन अचानक दोपहर बाद लामबगड़ में भारी बारिश होने से पुलिस प्रशासन की ओर से बद्रीनाथ धाम जा रहे और वहां से लौट रहे यात्रियों को रोक दिया. देर शाम तक भी लामबगड़ में बारिश जारी थी.

यहां थोड़ी सी बारिश होने पर नदी नाले ऊफान पर आ जाते हैं. लामबगड़ में सीमा सड़क संगठन और लोक निर्माण विभाग (एनएच) की ओर से लगातार हाईवे से मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन बारिश होने पर चट्टान से पत्थर छिटक कर हाईवे पर आ रहे हैं.

ऐसे में वाहनों की आवाजाही खतरे से खाली नहीं है. बीआरओ के कमांडर कर्नल एसएस मक्कर का कहना है कि लामबगड़ में बारिश के दौरान यात्रा वाहनों की आवाजाही कराना खतरनाक है.

बारिश के चलते बद्रीनाथ और गौरीकुंड हाईवे कई स्थानों पर खतरनाक बना हुआ है. जिले में 12 संपर्क मार्ग बंद हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है. शनिवार तड़के से दिनभर रुक-रुककर हो रही बारिश से ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर जहां सिरोहबगड़ और शिवानंदी में दिनभर मलबा गिरता रहा, वहीं, रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग खाट गांव के नीचे और मुनकटिया में खतरनाक बना हुआ है.

जिले में खुजीर बैंड-चौकी-बर्सिल, चोपड़ा-कुरझण-कांडई, छेनागाड़-बक्सीर, सणगू-सारी, ऊखीमठ-किमाणा-करोखी, लमगौंडी-देवलीभणिग्राम, बाड़व मल्ला-कांदी, द्यूलाधार बैंड-गणेशनगर, मठियाणाखाल-सौंदा, सल्या-तुलंगा, छेनागाड़-उच्छोला आदि मोटर मार्ग बंद हैं.

रुदप्रयाग-तूना-बौंठा मोटर मार्ग की शुरू से ही खस्ता हालत है. धुमाकोट में बारिश के चलते मलबा गिरने और भूमि कटाव होने से जड़ाऊखांद-जमणधार-मजेड़ाबैंड मोटर मार्ग तीन सप्ताह से बाधित है. शिकायत के बाद भी सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है. इसके कारण लोग कई किमी पैदल चलने को मजबूर हैं.