टिहरी : बैंक का कर्ज न चुका पाने पर किसान ने की आत्महत्या

उत्तराखंड के टिहरी जिले में चंबा ब्लॉक के स्वाड़ी गांव में एक किसान ने कथित रूप से कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली. उसके परिजनों का दावा है कि कर्ज चुकाने के लिए बैंक द्वारा किए जा रहे तकाजे से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया.

48 वर्षीय राजकुमार का शव गुरुवार को गांव के पास एक खेत में मिला था, जिसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है. इस संबंध में टिहरी की जिलाधिकारी सोनिका ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आत्महत्या के कारणों का जांच के बाद ही पता लगेगा.

हालांकि, सात बच्चों के पिता मृतक किसान के परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि बैंक ऋण चुका पाने में असमर्थ होने के कारण उसने आत्महत्या की है.

परिजनों के अनुसार, राजकुमार ने जिला सहकारी बैंक से पांच हजार रुपये का कृषि ऋण और उत्तरांचल ग्रामीण बैंक से चालीस हजार का व्यसायिक लोन लिया था और बैंक कर्मी कर्ज वूसली के लिए कुछ दिन पूर्व घर में आए थे, जिस कारण राज कुमार परेशान था.

टिहरी जिले के कांग्रेसियों ने मृतक किसान के घर जाकर उन्हें सांत्वना दी और इस मामले को लेकर बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है. राज्य में किसान लगातार आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन बीजेपी सरकार काश्तकारों से वसूली के लिए अभियान चलाए हुए है.

परिजनों के अनुसार राजकुमार ने जिला सहकारी बैंक से पांच हजार रुपये का कृषि ऋण और उत्तरांचल ग्रामीण बैंक से 40 हजार का व्यसायिक लोन लिया था. परिजनों के अनुसार बैंक कर्मी कर्जा वसूली को कुछ दिन पूर्व घर में आए थे जिस कारण राज कुमार परेशान था.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के निर्देश पर शुक्रवार को प्रदेश पार्टी प्रवक्ता शांति प्रसाद भट्ट सहित अन्य कांग्रेसियों ने गांव जाकर मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया और उन्हें हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया. उन्होंने मामले को लेकर बड़ा आंदोलन करने का भी ऐलान किया.

उत्तराखंड में बीजेपी सरकार के सत्ता में आने के बाद से किसानों की कथित आत्महत्याओं के दो मामले पहले भी सामने आ चुके हैं.