उत्तराखंड : पर्यटन को बढावा देने के लिए ’’13 जिले-13 नए पर्यटन गंतव्य’’ शुरू

देहरादून, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार जलवायु परिवर्तन पर स्टेट एक्शन प्लान पर गंभीरता से कार्य करेगी. उत्तराखंड सरकार द्वारा आरंभ की गई “13 जिले-13 नए पर्यटन गंतव्य” , देहरादून में ’संस्कृति ग्राम’ का विकास, नदियों को पुनर्जीवित करने जैसी योजनाओं में पर्यावरण संरक्षण तथा विकास के सामंजस्य पर बल दिया जा रहा है। सरकार हरेला पर्व को प्रोत्साहित कर महाअभियान बनाना चाहती है. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि हम चाहते हैं कि प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर विकास सुनिश्चित किया जाए. हमें मानव तथा प्रकृति के बीच टकराव को खत्म करना होगा.

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम(यू.एन.डी.पी.) तथा उत्तराखंड सरकार के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र व आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास के संबंध में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने यूएनडीपी द्वारा जलवायु परिवर्तन पर कार्यशाला का आयोजन देहरादून में करवाने का आभार व्यक्त किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि यूएनडीपी का सहयोग उत्तराखंड को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि आज विकास की मांग बढ़ती जा रही है तथा मानव और प्रकृति का टकराव भी इसके साथ बढ़ रहा है.

प्रकृति प्रेमी तथा प्रकृति संरक्षण से जुड़े लोगों की जलवायु परिवर्तन पर चिंता स्वाभाविक है. भारत में प्रकृति पूजा की प्राचीन काल से ही परंपरा रही है. हम पेड़ों, जंतुओं, विभिन्न प्राणियों तथा जहरीले सांपो तक को पूजते हैं. प्रकृति प्रेम व पर्यावरण संरक्षण हमारी परंपराओं, रीति-रिवाजों तथा संस्कृति में रचा बसा है.

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि आज जलवायु परिवर्तन वैश्विक चिंता का विषय है. यह दुःखद है कि अमेरिका ने इससे स्वयं को अलग कर दिया है. जबकि वैश्विक तापन बढ़ाने में विकसित देशो का अहम योगदान है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलवायु परिवर्तन से लड़ने हेतु 8 सूत्रीय कार्यक्रम बनाया है. राज्य में इसके प्रभावी क्रियान्वयन के प्रयास किए जाएंगे. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में संचालित सभी विकास योजनाओं तथा परियोजनाओं में पर्यावरण मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट विद्युतीकृत है. मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की है की जलवायु परिवर्तन तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु व्यापक सक्रिय जनभागीदारी आवश्यक है.

कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव एस.रामास्वामी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पर आयोजित कार्यशाला से इस क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कार्मिको तथा संस्थाओं को अपने अनुभव साझा करने का उचित मंच मिलेगा. जलवायु परिवर्तन व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्तराखंड सरकार के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए यूएनडीपी के कंट्री हेड जो को सीरियल ने कहा कि हमें इस विषय पर राज्य सरकार के साथ भागीदारी करके अत्यंत प्रसन्नता है. राज्य का राजनैतिक नेतृत्व जलवायु परिवर्तन से लड़ने तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रतिबद्ध है. हमें सरकार से पूरा सहयोग मिल रहा है. इस अवसर पर सचिव आपदा अमित सिंह नेगी, पीसीसीएफ जयराज आदि भी उपस्थित थे