ग्रामीण इलाकों की आय बढ़ाने के लिए टाटा और उत्तराखंड सरकार में बनी सहमति

उत्तराखंड के पांच जिलों में अगले पांच वर्षों में साढे बारह हजार परिवारों की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक करने के प्रयास सहित कई अन्य योजनाओं के सहभागिता के आधार पर क्रियान्वयन के लिए उत्तराखंड सरकार ने बुधवार को टाटा समूह के साथ ज्वाइंट डिक्लेरेशन पर दस्तखत किए.

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की उपस्थिति में इस ज्वाइंट डिक्लेरेशन पर राज्य सरकार की ओर से मुख्य सचिव एस. रामास्वामी एवं टाटा समूह की ओर से सीओओ वी.रामास्वामी ने हस्ताक्षर किए.

अस्थायी राजधानी देहरादून में जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, टाटा द्वारा राज्य में संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ सहभागिता करते हुए राज्य के पांच जिलों में आगामी पांच वर्षों में 12,500 परिवारों की वार्षिक आय को एक लाख रुपये से अधिक किए जाने का प्रयास किया जाएगा.

इसके तहत टाटा द्वारा अपनी महत्वकांक्षी कौशल विकास हेतु पहल ‘स्ट्राइक’ के अंतर्गत कुमाऊं में पिथौरागढ़ एवं गढ़वाल में चमोली जिले में कौशल विकास केंद्र स्थापित करते हुए युवाओं को हॉस्पिटैलिटी, हेल्थ केयर, ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में रोजगार परक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा. इसके अलावा, युवाओं को इक्कीसवीं सदी के अनुसार शहरी क्षेत्रों के अनुरूप जीवन कौशल का भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें स्थाई आजीविका प्राप्त करने में आसानी हो.

टाटा द्वारा राज्य सरकार के सहयोग से पूर्ण विकसित कैंसर केयर केंद्र स्थापित किया जाएगा. इसके अतिरिक्त, राज्य के ग्रामीण क्षेत्र को डिजिटल विलेज में परिवर्तित करने का भी लक्ष्य रखा गया है, जिसके अंतर्गत ग्रामीण को नगदी डेबिट/क्रेडिट कार्ड आदि रखने की आवश्यकता नहीं होगी.