सीडीओ ने शुरू की पहल, चार बहुउद्देश्यीय भवनों का निर्माण शुरू

रुद्रपुर, मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने गांवों में बहुउद्देश्यीय भवन बनाने की पहल की है. इस पहल का मकसद एक तो गांव में ग्राम पंचायत अधिकारी, पटवारी के बैठने का निर्विवादित स्थान मुहैया कराना है, साथ ही गांव में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन है. यही नहीं गांवों के गरीबों की बेटियों की शादी के लिए भी यह बहुउद्देश्यीय भवन काम आएंगे. सीडीओ की पहल पर जिले में चार बहुउद्देश्यीय भवन बनाने का कार्य शुरू हो गया है. यदि जनप्रतिनिधियों ने साथ दिया तो ऊधमसिंह नगर के हर गांव में बहुउद्देश्यीय भवन बनेंगे.

सीडीओ ने जनप्रतिनिधियों के सहयोग से गांवों में बहुउद्देश्यीय भवन बनाने की पहल की है. इसके लिए जमीन ग्रामसभा से ली जाएगी. निर्माण के लिए साढ़े बारह लाख रुपये मनरेगा से दिए जाएंगे. पांच लाख रुपये संबंधित क्षेत्र के विधायक देंगे. भवन की कुल लागत 17.50 लाख आएगी. इसके लिए ग्राम प्रधान 14 वें वित्त से भी धनराशि दे सकते हैं. सीडीओ का कहना है कि गांव में बहुउद्देश्यीय भवन न होने के कारण ग्राम पंचायत अधिकारी, पटवारी किसी न किसी के घर में ही बैठते हैं, जिससे ग्रामीणों को असुविधा होती है. यदि गांव में बहुउद्देश्यीय भवन होगा तो इसमें कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि हर कोई वहां जाकर अपना कार्य करा सके. यदि कोई ब्लाक अथवा जिला स्तरीय अधिकारी भी गांव जाएगा तो वह भी इस बहुउद्देश्यीय भवन में बैठ सकेगा. गांव में गरीब की बेटियों की शादी के लिए भी इस बहुउद्देश्यीय भवन का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा ग्रामीण इस भवन में अन्य सुख दुख के छोटे मोटे कार्यक्रम भी कर सकते हैं.

सीडीओ श्री पांडेय ने बताया कि यह बहुउद्देश्यीय भवन एक हजार स्क्वायर फिट जमीन में बनेगा. जिसमें नीचे तीन कमरे होंगे और ऊपर बड़ा हॉल होगा, जिसके साथ ही शौचालय और बाथरूम बनाया जाएगा. मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि चार गांवों में विधायकों के सहयोग से बहुउद्देश्यीय भवन बनाने का कार्य शुरू हो गया है. उन्होंने बताया कि शीघ्र ही अभी और गांवों में भी कार्य शुरू होगा. उन्होंने कहा कि एक पहल की गई है, जो जनप्रतिनिधियों के सहयोग से ही पूरी हो पाएगी. योजना धरातल पर आ चुकी है. धीरे धीरे जिले के हर गांव में बहुउद्देश्यीय भवन बन जाएगा.