भगोड़े विजय माल्या के प्रत्यर्पण के लिए भारत ने ब्रिटेन से कहा, ‘हमारी जेलें भी आपकी तरह अच्छी हैं’

भारत सरकार ने ब्रिटेन सरकार को यह यकीन दिला दिया है कि अगर शराब व्यापारी विजय माल्या को वो वापस भारत भेज देते हैं तो उसे भारत की जेल में ठीक से रखा जाएगा और भारत की जेलों में सुविधाएं यूरोप की जेलों से कम नहीं हैं.

भारत ने ये पक्ष केन्द्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि के द्वारा ब्रिटेन में उनकी काउंटर पार्ट पैटसी विल्किनसन, जोकि ब्रिटेन के होम डिपार्टमेंट की परमानेंट सचिव हैं, को बताया. गृह सचिव पिछले हफ़्ते लंदन के दौरे में थे.

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ब्रिटेन को ये साफ तौर पर कहा कि अगर विजय माल्या का प्रत्‍यर्पण किया जाता है तो न सिर्फ उसे उचित जेल में रखा जाएगा, बल्कि मेडिकल सुविधाएं भी दी जाएंगी.

हालांकि ये भी साफ कर दिया गया है कि माल्या को कोई खास ट्रीटमेंट नहीं दिया जाएगा. प्रतिनिधिमंडल ने ब्रिटिश अधिकारियों से भारत के इस रुख से लंदन स्थित अदालत को भी अवगत करा देने को कहा है.

अधिकारी का कहना है, ‘हर जेल में अस्पताल भी है, इसीलिए उन्हें ये भी बताया गया कि जैसा फिल्मों में जेल की हालत के बारे में दिखाया जाता है, भारत में वैसा नहीं है.’ ये इसीलिए अहम है, क्‍योंकि विजय माल्या ने भारत की खस्ता जेलों का हवाला देकर ब्रिटेन की कोर्ट से प्रत्यर्पण नहीं करने की गुहार लगाई है.

इस संबंध में केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने 23 जून को महाराष्ट्र के गृह सचिव सुमित मुलिक को एक पत्र लिखकर राज्य में जेलों की स्थिति का जायजा लिया था. सूत्रों की मानें तो विजय माल्या को भारत लाए जाने के बाद मुंबई के ऑर्थर रोड जेल में रखा जा सकता है.

गौरतलब है कि माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस को लोन देने वाले देश के 17 बैंकों ने जब उन्हें देश से बाहर जाने से रोकने की अपील के साथ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया तो माल्या मार्च 2016 में इंग्लैंड भाग गए थे. इन बैंकों का माल्या पर 9,000 करोड़ रुपये बकाया है.

भारत में बैंकों से 9,000 करोड़ रुपये के कर्ज की अदायगी नहीं करने के आरोप में माल्या को भारतीय अदालत से भगोड़ा घोषित किया जा चुका है. वह भारत से मार्च 2016 में चोरी छुपे भागकर ब्रिटेन में जा छुपा है.