गंगोत्री ग्लेशियर टूटा, अचानक आए सैलाब से दहशत में लोग | भागीरथी की धारा मुड़ी

साल 2013 में आई केदारनाथ आपदा को अब चार साल का लंबा वक्त गुजर चुका है. लेकिन लोगों के जेहन में खौफ आज भी जस का तस बना हुआ है. दरअसल, गौमुख का बायां हिस्सा धंस जाने से गंगा के वेग में अचानक परिवर्तन आ गया. जिससे लोग खौफजदा हो गए.

गंगोत्री ग्लेशियर का गोमुख वाला बायां हिस्सा घंसने से रविवार रात करीब 10 बजे कुछ देर के लिए भागीरथी में पानी एकाएक कम हो गया। करीब 15 मिनट बाद भागीरथी में रेतीले पानी का सैलाब गंगोत्री की ओर आया तो लोग दहशत में आ गए.

प्रत्यक्षदर्शी बिंकी जोशी, सत्येंद्र सेमवाल बताते हैं कि पानी भागीरथी शिला की सीढ़ियों तथा हाल ही में बनाई गई सुरक्षा दीवार के ऊपर तक पहुंच गया था.

गोमुख तपोवन तथा रक्तवन की ओर ट्रेकिंग ग्रुप ले जाने वाले टूर ऑपरेटर करन कुटियाल बताते हैं कि गोमुख का बायां हिस्सा धंसने से रक्तवन तथा चतुरंगी ग्लेशियर का गंगोत्री ग्लेशियर से जुड़ा हिस्सा एक किमी तक बर्फ विहीन हो गया है. नंदनवन जाने के लिए गंगोत्री ग्लेशियर के गोमुख वाले करीब 8 किमी हिस्से में भी बड़ी दरारें पड़ी हैं.