चंपावत : विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर मुख्यमंत्री की फटकार, ‘250 आबादी वाले गांवों तक पहुंचेगी सड़क’

एनएचपीसी सभागार में विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम द्वारा किए जा रहे राजीव गांधी नवोदय विद्यालय लोहाघाट, आईटीआई चंपावत, तल्लादेश, दिगालीचैड़ एवं पालीटेक्निक चंपावत के कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यों को समय पर पूर्ण करने तथा रिवाईज इस्टमेट की प्रवृति पर अंकुश रखने के निर्देश दिए.

उन्होंने लोनिवि के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों के निर्माण में आ रही अड़चन को दूर करने के लिए स्थानीय विधायकों की मदद से कार्य समय रहते पूर्ण कर लिए जाएं. पीएमजीएसवाई लोहाघाट तथा चंपावत को सड़क मार्ग से जुड़ने हेतु शेष गांवों की सूची उपलब्ध कराने के साथ 250 से 500 की आबादी वाले गांवों, जिन्हें सड़क मार्गों से जोड़ा जाना है की सूची उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दास्त नही की जाएगी. उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि धरातल पर हुए कार्यों के गलत आंकड़े प्रस्तुत करने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने जल निगम निर्माण इकाई के ऑडिटोरियम, परिवहन कार्यालय एवं नर्सिंग संस्थान के निर्माण की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इनके कार्यों पर जिलाधिकारी को कार्यों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा, निर्माण एजेंसियों को आवंटित धनराशि के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य किए जाएं.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चिकित्सा विभाग, लोनिवि, पीएमजीएसवाई, जल निगम, पशुपालन आदि विभागों के कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ ही पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए एवं विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए.

समीक्षा बैठक में विधायक लोहाघाट पूरन फर्त्याल, विधायक चंपावत कैलाश गहतोड़ी, विधायक खटीमा पुष्कर धामी व जिलाधिकारी चंपावत डॉ. अहमद इकबाल आदि उपस्थित थे.