कुंबले के बाद अब द्रविड़ और जहीर का हो रहा सार्वजनिक अपमान | इन्होंने उठायी आवाज

टीम इंडिया के कोच और सपोर्ट स्टाफ की नियुक्ति को लेकर नाटकीय घटनाक्रमों के बाद तमाम तरह के बयानों का सिलसिला अब भी जारी है. प्रशासकों की समिति (सीओए) के पूर्व सदस्य रामचंद्र गुहा ने कहा है कि जिस तरीके से राहुल द्रविड़ और जहीर खान की सलाहकार पद पर नियुक्ति को रोककर रखा गया है, उससे इन पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों का सार्वजनिक अपमान हो रहा है.

गुहा ने ट्वीट किया, ‘अनिल कुंबले के साथ शर्मनाक व्यवहार अब जहीर खान और राहुल द्रविड़ के प्रति अपनाए जा रहे लापरवाह रवैये के रूप में नए मुकाम पर पहुंच गया है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘कुंबले, द्रविड़ और जहीर इस खेल के महान खिलाड़ी हैं, जिन्होंने मैदान पर अपना सब कुछ झोंक दिया. वे इस तरह के सार्वजनिक अपमान के हकदार नहीं हैं.’

बता दें कि गुहा ने जून में बीसीसीआई की प्रशासक कमेटी (सीओए) के सदस्‍य के पद से इस्‍तीफा दे दिया था. गुहा ने बीसीसीआई के भीतर हितों के टकराव की अनदेखी के मुद्दे पर नाराजगी जाहिर की थी.

सीओए ने शनिवार को रवि शास्त्री की मुख्य कोच के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दी, जिसके बाद गुहा की यह टिप्पणी सामने आई है. समिति हालांकि यह स्पष्ट नहीं कर पाई कि द्रविड़ और जहीर विदेशी दौरों के लिए क्रमश: बल्लेबाजी और गेंदबाजी सलाहकार हैं या नहीं जैसा कि बीसीसीआई ने दावा किया था.

बैठक की विवरणिका के अनुसार, ‘अन्य सलाहकारों की नियुक्ति पर फैसला समिति मुख्य कोच से परामर्श करने के बाद करेगी.’ गुहा ने भारतीय क्रिकेट में ‘सुपरस्टार संस्कृति’ की आलोचना करते हुए सीओए से अपना इस्तीफा दिया था. उन्होंने पूर्व खिलाड़ियों के ‘हितों के टकराव’ का मसला भी उठाया था.