कथित गौरक्षकों को पीएम मोदी का सख्त संदेश, हिंसा बर्दास्त नहीं

संसद का मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन द्वारा रविवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई गई. बैठक के दौरान लोकसभा स्पीकर ने आगामी मानसून सत्र में सभी राजनीतिक दलों से लोकसभा के कामकाज के ठीक से संचालन में सहयोग देने का आग्रह किया.

बैठक में पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा ठीक नहीं है और अपने हाथ में कानून लेने का किसी को अधिकार नहीं है. पीएम ने कहा कि गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा और राजनीति ठीक नहीं है. इसके नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए. पीएम ने बैठक में जीएसटी के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी.

बैठक खत्म होने के बाद केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने सभी दलों से राष्ट्रपति चुनाव में भागीदारी करने की अपील की. अनंत कुमार ने बताया, ‘पीएम मोदी ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई शुरू की है और उसी के लिए उन्होंने सभी पार्टियों को आह्वान किया. पीएम ने कहा जिस नेता पर सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार की वजह से प्रश्न खडा हुआ, उसे ठीक करने में सभी पार्टियां साथ काम करें.’

बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली, संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार, मुख्तार अब्बास नकवी, एसएस अहलूवालिया, अपना दल से अनुप्रिया पटेल, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अकाली दल के गुजराल, बीजेडी से भृतहरि महताब, सीपीएम नेता सीताराम येचुरी, लोजपा नेता चिराग पासवान, एनसीपी नेता शरद पवार, सपा नेता मुलायम सिंह, नरेश अग्रवाल, सीपीआई के डी. राजा शामिल हुए. आरजेडी से जेपी यादव, आरपीआई के रामदास अठावले, उपेंद्र कुशवाहा, एनसी से फारूख अब्दुल्ला, जेडीएस से देवेगौड़ा के अलावा अन्य दलों के नेता शामिल हुए.

बैठक के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि ऑल पार्टी मीटिंग सरकार द्वारा बुलाई गई. ऑल पार्टी मीटिंग में हमने कुछ मांग की है. कश्मीर पर सदन में चर्चा के दौरान पाकिस्तान के साथ चीन का भी जिक्र और चर्चा होनी चाहिए. आंतरिक सुरक्षा पर कश्मीर पर जो हालात खराब हुए हैं उसमें सरकार ने बातचीत के सारे दरवाजे बंद कर दिए हैं.

गोरक्षा के नाम पर लोग मारे जा रहे है. महिलाओं की सुरक्षा एक मुद्दा है. मध्यप्रदेश सहित देशभर में किसानों के हालत पर चर्चा होगी. गुजरात समेत देशभर में टेक्सटाइल वर्करों की जीएसटी के कारण हालात खराब है. देशभर में बाढ़ पर चर्चा होगी. इसके अलावा दार्जलिंग के हालातों पर भी चर्चा होनी चाहिए.