मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना के राजकीय प्राथमिक स्कूल का हाल, बेहाल

रामनगर, खस्ता हाल जर्जर विद्यालय भवन देवभूमि में पटरी से उतर चुकी शिक्षा व्यवस्था को फिर से ढर्रे पर लाने के सरकार चाहे कितने दावे कर ले लेकिन प्रशासनिक तंत्र के लचर रवैये के सामने सब दावे दम तोड़ते नजर आते हैं. साथ ही स्कूलों के जर्जर भवनों को सुधारने व वहां पढ़ रहे बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से भी तंत्र कुछ भी सुध लेने को तैयार नहीं है. स्कूल के छोटे छोटे बच्चे इस भवन के पास खेलते रहते हैं. ऐसे में कभी कोई अनहोनी हो गई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?

बतातें चले मामला मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना के लिए चयनित रामनगर तहसील के हिम्मतपुर गांव के राजकीय प्राथमिक स्कूल का है. जहां स्कूल का खस्ता हाल पुराना भवन कभी भी गिर सकता है, लेकिन इस ओर देखने को कोई अधिकारी तैयार नहीं है. स्कूल प्रधानाचार्य से जब इस विषय बात की गई तो उन्होंने बताया कि जर्जर हालत में इस भवन के ध्वस्तीकरण को लेकर सभी विभागीय अधिकारियों को इस विषय में पत्र के माध्यम से जानकारी दी गई है लेकिन अधिकारी संज्ञान लेने को तैयार नहीं है. स्कूल के छोटे छोट बच्चे अक्सर इसी भवन के पास खेलने को जाते हैं ऐसे में अगर कभी कोई बड़ा हादसा हो गया तो किसकी जिम्मेदारी होगी. यह बड़ा सवाल है.

वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि भवन कभी भी गिर सकता है और साथ ही रात को यह शराबियों का अड्डा बन जाता है. ग्रामीणों ने खुद भी कई बार इसके ध्वस्तीकरण के लिए कई अधिकारियों से गुहार लगा चुके है. परंतु स्थिति जस की तस बनी हुई है. बच्चों के खेलने के लिए छोटा सा मैदान है. लगातार तीन से चार दिन से बारिस हो रही हैं इसके चलते विद्यालय भवन का एक हिस्सा पूर्व में गिर भी चुका है. प्रशासन बस किसी अनहोनी का इंतजार कर रहा हैं. उपजिलाधिकारी परितोष वर्मा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है. संबंधित विभाग से इसकी जांच कराई जाएगी व जर्जर भवन को ध्वस्त करने की कार्यवाही की जाएगी.