भारत ‘सीमित युद्ध’ की तैयारी में, सेना को दिया हथियारों की सीधी खरीद का अधिकार

सांकेतिक फोटो

नई दिल्ली, चीन के साथ डोका ला क्षेत्र में गतिरोध और जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों में तेजी के बीच सरकार ने सेना को जरूरी हथियारों और गोला-बारूद की खरीद के असीमित अधिकार दिए हैं। इसका उद्देश्य कम समय में होने वाली जोरदार जंग के लिए सैन्य तैयारियां बेहतर करना है.

सेना के सूत्रों के अनुसार दो-तीन दिन पहले ही सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी. इसमें उप सेना प्रमुख को किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए हथियारों, पुर्जों और गोला-बारूद की कमी को पूरा करने के लिए असीमित वित्तीय अधिकार दिए गए हैं. सेना को यह अधिकार हथियारों और गोला-बारूद के भंडार को जरूरी निर्धारित स्तर तक बनाए रखने के लिए दिए गए हैं. सेना उप प्रमुख को असीमित वित्तीय अधिकार होंगे और वह जरूरत के हिसाब से कितनी भी खरीद कर सकेंगे. इस कदम का उद्देश्य सेना की युद्ध की तैयारियों की खामियों को पाटना है. मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए सरकार के इस फैसले को बड़ा नीतिगत और महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है. पिछले काफी समय से यह महसूस किया जा रहा था कि सेना के जरूरत के अनुरूप हथियारों और गोला-बारूद का भंडार नहीं है और इस संबंध में लगातार मांग उठ रही थी. हथियारों की खरीद में देरी नहीं होगी.

सूत्रों के अनुसार इसके लिए मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति तथा रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद परिषद से मंजूरी लेने की भी जरूरत नहीं होगी. सेना को 46 प्रकार के हथियार और दस तरह के हथियार सिस्टम के कलपुर्जे खरीदने की मंजूरी दी गई है. 20 अन्य प्रकार के हथियारों की खरीद का अधिकार सेना को देने का प्रस्ताव विचाराधीन है.