सीएम के क्लासरूम में सभी डीएम हाजिर | आपदा, स्वच्छता, वृक्षारोपण पर कड़े निर्देश जारी

सचिवालय में समस्त जिलाधिकारियों के साथ वीडिओ कॉन्फ्रेंसिंग में समीक्षा लेते मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को सचिवालय में समस्त जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न विकास कार्यक्रमों तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की. लगभग 5 घण्टे चली मैराथन समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन, विकास योजनाओं, शहरी स्वच्छता, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल संचय, तहसील दिवस, समाधान पोर्टल, कानून व्यवस्था, चार धाम यात्रा, काँवड, बायोमैट्रिक हाजिरी, कार्य संस्कृति में सुधार, स्थानीय लोगों एवं किसानो की आजीविका में वृद्धि जैसे कई मुद्दों पर समीक्षा की.

वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने बायोमैट्रिक हाजिरी, जल संचय, हरेला जैसे मुद्दों पर जिलाधिकारी नैनीताल को रिपोर्टिंग और कार्य में सुधार लाने की नसीहत भी दी.

आपदा प्रबन्धनः अधिकारी 24 घण्टे ‘रेडी-मोड‘ मे रहें- सीएम

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि शहरी क्षेत्रों में तीव्र प्रवाह की जल निकासी की व्यवस्था के लिए ठोस उपाय किये जाए.

सार्वजनिक मार्गों एवं नालों पर हुए अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाय. इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

उन्होने सभी बाढ़ चैकियों को आपदा प्रबंधन के उपकरणों से लैस करने के निर्देश दिये. इसके साथ ही सभी नदियों की लगातार गहन मॉनिटरिंग भी करने के निर्देश दिये.

दैवीय आपदा में सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता में सभी जिलाधिकारी तत्परता दिखाए. आपदा में जनहानि की दशा में 24 घंटे के भीतर सहायता देने का प्रयास करें.

मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में चेताया कि सहायता राशि की स्वीकृति मात्र से काम नहीं चलेगा, लोगों को सहायता मौके पर अतिशीघ्र मिलनी चाहिए. इस मामले में कोई कोताही स्वीकार नहीं होगी.

मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को 24 घण्टे ‘रेडी मोड’ में रहने को कहा है. सभी सरकारी कार्मिक अपना मोबाइल 24 घण्टे खुला रखें.

आपदा में रिस्पांस टाइम में सुधार हुआ है परन्तु इसे और बेहतर करने की जरूरत है. राहत शिविरों की स्थापना की तैयारी में और प्रभावी कार्य की जरूरत है. सभी डीएम आपदा प्रबन्धन से जुडे उपकरण, टेण्ट इत्यादि की उपलब्धता सुनिश्चित रखें.

आपदा प्रबंधन की दृष्टि से पहाड़ो में कनेक्टिविटी एक बड़ी समस्या है. मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने पहाड़ों में मोबाइल टावर नहीं लगाने वाली कम्पनियों पर नाराजगी व्यक्त की. उन्होने कहा कि मैदानी क्षेत्रों में केबल बिछाने की और अन्य अनुमतियां तभी दी जाएगी जब ये मोबाइल सेवा प्रदाता कम्पनियाँ पर्वतीय भागों में अपनी कनेक्टिविटी का कमिटमेंट पूरा करेंगी.

जिलाधिकारी नैनीताल ने अवगत कराया कि वर्षा ऋतु में नैनी झील अपने सामान्य स्तर पर पहुँच गयी है. मुख्यमंत्री ने सूखा ताल में अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण पर हुए नाराजगी व्यक्त की. जिन लोगों को विस्थापित किया जाना हो तत्काल करे. उन्होने जिलाधिकारी नैनीताल को तत्काल कड़ी कार्यवाही करने को कहा.

सेवाओं की पब्लिक डिलीवरी में तेजी लाये- सीएम

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने सभी जिलाधिकारियों को कार्य संस्कृति में सुधार लाने के निर्देश दिए. उन्होने कहा कि बायोमेट्रिक हाजिरी को तहसीलों और ब्लाकों तक पहुँचाए जाए. अधिकारी कर्मचारी सिर्फ समय पर ही न पहुँचे बल्कि जनता का काम भी करे .

जनता को कार्य संस्कृति में सुधार दिखना चाहिए. जिलाधिकारी सभी कार्यालयों में फाइल मूवमेंट और जनता की समस्याओं के निस्तारण की भी समीक्षा करें. तहसील दिवस और समाधान पोर्टल पर जिलाधिकारी विशेष ध्यान दें.

उन्होने सभी जनपदों में तहसील दिवस में आने वाले लोगों की कम संख्या पर असंतोष व्यक्त करते हुए इसके व्यापक प्रचार प्रसार करने को कहा.

जनपदों में ही समस्याओं का निस्तारण हो जाय, लोगों को लम्बा सफर कर देहरादून तक आने की जरूरत न हो. पब्लिक डिलीवरी सिस्टम कैसे तेज हो इस पर ध्यान दें.

कांफ्रेसिंग में जिलाधिकारी हरिद्वार ने बताया कि हरिद्वार में ४२ लाख कांवड़िये आ चुके हैं. तथा कांवड पट्टी का काम पूरा हो चुका है. विद्युत व्यवस्था जलापूर्ति, कानून व्यवस्था ठीक है.

उत्तराखण्ड के शहरों की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार लायें- सीएम

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने स्वच्छता की अखिल भारतीय रैंकिंग में उत्तराखंड के शहरों व कस्बों की रैंकिंग एक वर्ष में शीर्ष 150 के भीतर लाने के लिए सभी जिलाधिकारियों को लक्ष्य दिया है. उन्होने निर्देश दिए कि शहरी स्वच्छता अभियान की जिलाधिकारी साप्ताहिक समीक्षा करें.

दिसम्बर तक सारे नगर निगम डोर टू डोर कूड़ा उठाना सुनिश्चित करें. उन्होने कहा कि शहरी स्वच्छता के नोडल अधिकारी जिलाधिकारी होंगे. सभी एस0डी0एम0/संयुक्त मजिस्ट्रेट को उनके क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति भी जवाबदेह बनाने के निर्देश दिये. उन्होने कहा कि सम्बंधित एस0डी0एम0/संयुक्त मजिस्ट्रेट की चरित्र पंजिका में उनके प्रयास दर्ज किए जाएँगे. उन्होने कहा कि नैनीताल, कठगोदाम, हल्द्वानी स्वच्छता रैंकिंग में काफी नीचे है. इस सम्बंध में जिलाधिकारी स्पेशल ऐक्शन प्लान बनाए.

शहरों में देहरादून 316 वी रैंक पर है. जिलाधिकारी, देहरादून में स्वच्छता अभियान की साप्ताहिक समीक्षा करें. अधिशासी अधिकारी (ई0ओ0) अपने तैनाती स्थान पर ही निवास करें. एक वर्ष के भीतर देहरादून को शीर्ष 100 में लाने का तात्कालिक लक्ष्य, और फिर शीर्ष 50 शहरों में लाने का लक्ष्य रखा जाय. डोर टू डोर कलेक्शन और नगर निकायों में यूजर चार्जेज निर्धारित किया जाय.

प्रधानमंत्री शहरी ग्रामीण आवास योजना में लाभार्थियों को भूमि देने का सर्वे तय समय सीमा में किया जाय. जिन जिलाधिकारियों ने सर्वे शुरू नहीं किया है तुरंत शुरू करें. ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार जनपद को सर्वे कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये.

हरेला पर्व पर लक्ष्य निर्धारित कर वृक्षारोपण करें- सीएम

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने हरेला पर्व पर आगामी 16 जुलाई को सभी जिलाधिकारियों को लक्ष्य निर्धारित कर पौधारोपण करने के भी निर्देश दिए. उन्होने कहा कि यह एक सांस्कृतिक पर्व है, लोगों को इसके साथ जोड़ते हुए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाय.

इसके साथ ही हरेला में लगाए जाने वाले पौधों की सुरक्षा का भी ध्यान रखे. उन्होने कहा कि सभी जिलाधिकारी अपने जिलों में कम से कम एक नदी/वॉटर बॉडी/तालाब को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य ले.
नैनीताल में सूखा ताल को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखे. इस सीजन में वृक्षारोपण अभियान ऐसी नदियों को ध्यान में रखते हुए किया जाय.

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री एस0 रामास्वामी, प्रमुख सचिव श्री आनन्द वर्धन, श्रीमती मनीषा पंवार, सचिव मुख्यमंत्री श्री अमित नेगी, सचिव श्री आर0 मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव मुख्यमंत्री श्रीमती राधिका झा, सचिव श्री अरविन्द सिंह ह्यांकी सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे