उत्तराखंड में पुलिस और सेना के वाहनों से जल्द हटेगी लाल बत्ती

देहरादून, मोदी सरकार ने वीआईपी कल्चर को खत्म करने के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया था. जिसके बाद कैबिनेट ने केंद्रीय मंत्रियों के लाल बत्ती के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी. केंद्र की नरेंद्र मोदी कैबिनेट ने वीवीआईपी कल्चर के खिलाफ फैसले लेते हुए एक मई से सिर्फ 5 लोगों के लाल बत्ती का इस्तेमाल करने को हरी झंडी दी थी. मोदी सरकार की इस पहल की खूब तारीफ भी हुई. वहीं वाहनों पर बत्ती के नियम तय होने के बावजूद अनाधिकृत रूप से लाल, नीली या नारंगी बत्ती लगाकर दौड वाले सेना और पुलिस के वाहनों से बत्ती हटाने की तैयारी परिवहन विभाग ने कर ली है. केंद्र ने बत्ती के लिए जो नियम तय किए हैं उसमें सेना, पुलिस एवं दमकल की गाड़ियों पर बहुरंगी बत्ती (लाल-सफेद-नीली) की स्ट्रीप होनी चाहिए. साथ ही इन गाड़ियों को परिवहन विभाग से अनुमति लेना भी जरूरी है, मगर प्रदेश में अब तक किसी सरकारी विभाग ने परिवहन विभाग से अनुमति नहीं ली.

विदित हो कि पुलिस के कई छोटे और बड़े अधिकारी अभी भी लाल, नीली या नारंगी बत्ती लगाकर चल रहे. सैन्य वाहनों के भी यही हालात हैं. केंद्र के आदेश में पुलिस व सेना के साथ ही अर्धसैनिक बलों और कानून-व्यवस्था में लगे वाहनों को बहुरंगी स्ट्रीप लगाने की अनुमति है. शर्त रखी गई हैं कि हर साल ऐसे वाहनों के लिए मंजूरी परिवहन विभाग से लेनी होगी. अनुमति के बाद परिवहन विभाग इन वाहनों की सूची को सार्वजनिक करेगा. वहीं सहायक परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह के मुताबिक केंद्र सरकार की ओर से तय मानकों के अनुसार पुलिस, सेना व दमकल के वाहनों पर बहुरंगी स्ट्रीप लगाने की अनुमति है, न कि गोल बत्ती लगाने की. पुलिस और सेना को पत्र जारी कर इससे अवगत कराया जा रहा है. बहुरंगी स्ट्रीप के लिए भी परिवहन विभाग से अनुमति लेनी जरूरी है.

विभाग जल्द अनाधिकृत रूप से बत्ती लगाकर दौड़ रहे वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करेगा. बता दें कि परिवहन विभाग स्टीकर जारी करेगा और वहीं बहुरंगी स्ट्रीप के वाहनों को परिवहन विभाग से एक स्टीकर जारी होगा. इसमें संबंधित विभाग व अफसर का नाम होगा, जिसके अधीन वह गाड़ी संचालित हो रही है. एक वाहन के लिए एक ही स्टीकर जारी किया जाएगा, जिसे वाहन के अगले शीशे पर चस्पा करना होगा. केंद्र ने आपदा के दौरान आपातकालीन स्थिति में सरकारी वाहनों पर बत्ती लगाकर चलने की अनुमति दी है. ऐसे वाहनों को परिवहन विभाग की अनुमति की जरूरत नहीं होगी. इसके साथ ही एंबुलेंस को भी छूट दी गई है.