धार्मिक संस्थानों द्वारा श्रद्धालुओं को खिलाए जाने वाले प्रसाद-लंगर पर नहीं लगेगा GST

सांकेतिक फोटो

नई दिल्ली, धार्मिक संस्थानों द्वारा श्रद्धालुओं को खिलाए जाने वाले प्रसाद पर वस्तु एवं सेवा कर (जी.एस.टी.) नहीं वसूला जाएगा, लेकिन इसमें लगने वाली सामग्रियों जैसे चीनी, तेल, घी आदि पर जी.एस.टी. लगेगा. सरकार की और से यह जानकारी दी गई है.

वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में स्पष्टीकरण देते हुए उन खबरों को भी पूरी तरह असत्य करार दिया गया जिसमें कहा गया था कि धार्मिक संस्थाओं से मुफ्त वितरित होने वाले खाने पर भी जीएसटी लगेगा. हालांकि प्रसाद बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान और सेवाओं पर जीएसटी लगेगा. इन चीजों में चीनी, खाद्य तेल, घी, बटर और इन वस्तुओं की ढुलाई पर टैक्स लगेगा.

मंत्रालय के अनुसार प्रसाद बनाने में काम आने वाले कुछ रॉ मेटेरियल और उनसे जुड़ी सेवाओं पर जी.एस.टी. लगेगा. इनमें चीनी, वनस्पति खाद्य तेल, घी, मक्खन, इन वस्तुओं की ढुलाई से जुड़ी सेवा इत्यादि शामिल हैं. वित्त मंत्रालय का कहना है कि इन सामान और सामग्री का कई जगहों पर इस्तेमाल होता है. मसलन, चीनी या घी का इस्तेमाल केवल प्रसाद बनाने में ही नहीं, बल्कि घरों में या फिर होटलों में होता है. अब ऐसे में धार्मिक जगहों के लिए चीनी या घी के लिए अलग से जी.एस.टी. की दर तय करना संभव नहीं है.