अमरनाथ हमले के बाद घाटी में डटे सेना प्रमुख बिपिन रावत

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जम्मू कश्मीर में सोमावार को अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले के बाद घाटी में सुरक्षा की कड़ी निगरानी के लिए सेना प्रमुख बिपिन रावत कश्मीर पहुंचे हुए हैं. सेना के वरिष्ठ अधिकारी सेना प्रमुख को कश्मीर की पूरी सुरक्षा स्थिति की जानकारी देंगे. बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पर पूरी नजर रखे हुए हैं. राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और आतंकी हमले में सात अमरनाथ यात्रियों की मौत की पृष्ठभूमि में अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा बढ़ाए जाने का आदेश दिया है.

बिपिन रावत ने चिनार कॉर्प्स कमांडर, चीफ सेकेट्ररी और जम्मू-कश्मीर के डीजीपी से बात की. बिपिन रावत ने सीधे तौर पर आतंकियों पर दबाव बनाने के दिशा निर्देश दे दिए गए हैं. वहीं बिपिन रावत ने LoC पर कई घुसपैठ रोकने के लिए अधिकारियों की तारीफ भी की. सूत्रों की मानें, तो हमले के बाद अब सेना दक्षिण कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ ज्वाइंट ऑपरेशन चलाएगी. इस ऑपरेशन में सेना के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस भी साथ होगी.

अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकवादी हमले के बाद कई अहम भी बैठक हुईं हैं जिसमें पांच अहम निर्णय लिए गए. पहली बैठक हमले के तुरंत बाद 10 जुलाई को साउथ ब्लाक में एनएसए डोभाल और आला सुरक्षा अधिकारियों के बीच हुई. दूसरी बैठक अगले दिन गृहमंत्री और आला अधिकारियों के बीच हुई और तीसरी बैठक श्रीनगर में गवर्नर ने बुलाई. चौथी बैठक गृहमंत्री ने अन्य सुरक्षा बलों के साथ की और पांचवी बैठक रक्षा मंत्रालय में हुई.