गंगा नदी में तैरता मिला यह पत्थर, राम सेतु का पत्थर ऋषिकेश कैसे पहुंचा?

ऋषिकेश के गाजीवाली गांव के पास नीलधारा में एक अद्भुत पत्थर पानी में तैरता मिला. इस बारे में जैसे ही खबर फैली पत्थर को देखने के लिए भारी भीड़ जुट गई.

लोगों में चर्चा फैल गई कि यह पत्थर रामसेतु के उन पत्थरों में शामिल रहा है जिनसे भगवान श्रीराम ने माता सीता को रावण से मुक्त कराने के लिए पुल बनाया था. देर शाम तक पत्थर को देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही.

ग्राम गाजीवाली निवासी ऋषिपाल सोमवार सुबह गंगा के किनारे बैठा हुआ था, तभी उसे पानी में एक पत्थर तैरता हुआ नजर आया. उसने पत्थर को देखकर आसपास के लोगों को बुलाया और पानी में तैरते हुए पत्थर को बाहर निकाल लिया.

पत्थर को एक बड़े भगोने में पानी भरकर छोड़ा गया तो वह पत्थर भगोने में रखे पानी में भी ऊपर तैरने लगा. पत्थर को देखने के लिए आस-पास के गांववालों की भीड़ लग गई.