किन्नरों के चक्कर में पिट गए युवा भाजपा नेता

रुड़की में युवा भाजपा नेता को गलतफहमी में पुलिस की मार खानी पड़ी. वहीं इसका विरोध करने कोतवाली पहुंचे मोर्चे के पदाधिकारियों को एसपी देहात ने नसीहत देकर वापिस भेज दिया. घटना रविवार देर रात करीब 2 बजे की है पुलिस को सूचना मिली कि कुछ किन्नर और युवक बस स्टैंड के समीप अश्लील हरकते कर रहे हैं. सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को देख किन्नर और युवक मौके से भाग गए.

लेकिन भागते समय युवकों की बाइक मौके पर रह गयी जिसे पुलिस कोतवाली ले आयी. इसके तुरंत बाद युवा मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष शुभम सैनी किसी बाइक को छुड़वाने कोतवाली पहुंच गए. कोतवाली में किन्नर के साथ भागे युवको की बाइक पहुंची थी और बाइक को छुड़वाने युवा भाजपा नेता. कोतवाल ऐश्वर्य पाल ने युवा भाजपा नेता के एक दो थप्पड़ जड़ दिए.

इसके विरोध में जिलाध्यक्ष सागर गोयल के नेतृत्व में युवा मोर्चा कोतवाली पहुंचे वहां उनका सामना एसपी देहात से हो गया. एसपी देहात ने युवा नेता से पूछा कि किसकी बाइक छुड़वाने आये थे तो वह इसका भी सही से जवाब नही दे पाए. इस पर एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने कहा कि देखो मित्र पुलिस से मित्रता की उम्मीद मत करो मित्र पुलिस शरीफ लोगों से हमेशा हीं मित्रता रखती है और रात के 2 बजे आप ऐसे काम के लिए आ रहे है जिसका कोई औचित्य ही नहीं तो इसमें ऐसी घटनाएं हो ही जाती है.

रुड़की भाजपा युवा मोर्चा की जिलाध्यक्ष सागर गोयल आज जहाँ भी गए वहीं फाजियत झेली. सबसे पहले कोतवाली सिविल लाइन में एक दरोगा ने डांट पिला दी तो वहीं एक महिला दरोगा ने भी अध्यक्ष समेत अन्य नेताओं को डांट दिया. मोर्चा कार्यकर्ताओं के उनसे बहस हुई तो कोतवाल को बीच में आकर मामला सुलझाया. लेकिन एसपी देहात के सामने दरोगा की शिकायत करने के दौरान फिर से जिलाध्यक्ष की उसी दरोगा से हल्की नोक झोंक हो गयी.

उसके बाद किसी मामले में जिलाध्यक्ष ज्वाइन्ट मजिस्ट्रेट के कार्यालय पहुंचे जहां कार्यालय के अंदर से बाहर खड़े साथियों को तेज आवाज में बुला रहे तो ज्वाइन्ट मजिस्ट्रेट बोले क्या तरीका है आप यहाँ बैठकर चिल्ला रहे हैं . वहीं जब इस बारे में भाजयुमो के जिलाध्यक्ष सागर गोयल से बात की गई तो उन्होंने अपनी सफाई देते हुए कहा कि वहां ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था. केवल जेएम किसी से फोन पर बात कर रहे थे, इसलिए उन्होंने मुझे तेज बोलने के लिए मना कया था. उन्होंने कोतवाली के बारे में भी बताया कि कुछ पुलिसकर्मी बेवजह उनपर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें एसपी देहात ने समझा दिया.