G-20 summit: आतंक के खात्मे के लिए यह है मोदी का ‘प्लान 10’

हैम्बर्ग|….. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जर्मनी में G-20 सम्मेलन में आतंकवाद का मुद्दा उठाते हुए इस पर कड़े साझा प्रहार के लिए ऐक्शन प्लान सामने रखा. उन्होंने पाकिस्तान को घेरते हुए कहा कि कुछ देशों द्वारा आतंकवादियों को राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रयोग किया जाता है.

मोदी ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों की तुलना इस्लामिक स्टेट और अलकायदा से भी की. मोदी ने कहा, ‘मिडल-ईस्ट में दाएश, अलकायदा, दक्षिण एशिया में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हक्कानी नेटवर्क और नाइजीरिया में बोको हरम आज के आतंकवाद के कुछ नाम हैं, लेकिन इनकी मूलभूत विचारधारा सिर्फ नफरत और नरसंहार है.’ पीएम ने कहा कि आतंकी साइबर स्पेस का इस्तेमाल आज की युवा पीढ़ी को भ्रमित करने और अपने संगठनों में उनकी भर्ती के लिए कर रहे हैं.

पीएम मोदी ने जी-20 सम्मेलन में अपनी बात रखते हुए आतंकवाद को सबसे बड़ी चुनौती बताया और इस विषय को चुनने के लिए जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल की तारीफ की. पीएम ने कहा कि आतंक के खिलाफ कार्रवाई से पहले इसे समझना होगा. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 समिट में आतंक के खिलाफ प्लान ऑफ ऐक्शन का स्वागत किया और इसके लिए 10 सूत्रीय ऐक्शन अजेंडा प्रस्तुत किया.

आतंक के खात्मे के लिए यह है मोदी का ‘प्लान 10’

1. आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों के खिलाफ निवारक कार्रवाई अनिवार्य है. ऐसे देशों के अधिकारियों का G-20 सम्मेलन में प्रवेश पर प्रतिबंध जरूरी.

2. संदिग्ध आतंकवादियों की सूची का जी-20 देशों के बीच लेन-देन और नामांकित आतंकवादियों और उनके समर्थनकों के खिलाफ साझी कार्रवाई अनिवार्य

3. आतंकवादियों से संबंधित प्रभावकारी सहयोग के लिए कानूनी प्रक्रिया जैसे कि प्रत्यर्पण को सरल और ज्यादा तेज गति का बनाना

4. अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन को शीघ्र अपनाया जाना.

5. यूनाइटेड नेशन सिक्यॉरिटी काउंसिल रेजॉल्यूशन तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना.

6. कट्टरता के खिलाफ कार्यक्रमों पर जी-20 द्वारा साझा प्रयास और सबसे अच्छी प्रयासों का लेन-देन.

7. एफएटीएफ (फाइनैशल ऐक्शन टास्क फोर्स) तथा अन्य प्रक्रियाओं द्वारा आतंकियों को वित्तीय मदद वाले सोर्स और माध्यमों पर प्रभावशाली प्रतिबंध

8. एफएटीएफ की तरह ही हथियारों पर रोक के लिए वेपंज़ ऐंड एक्प्लोसिव ऐक्शन टास्क फोर्स (WEATF) का गठन, ताकि आतंकवादियों तक पहुंचने वाले हथियारों के स्रोतों को बंद किया जा सके.

9. जी-20 देशों के बीच आतंकवादी गतिविधियों पर केंद्रित साइबर सिक्यॉरिटी क्षेत्र में ठोस सहयोग.

10. जी-20 में नैशनल सिक्यॉरिटी अडवाइजर ऑन काउंटर टेररिज़म के एक तंत्र का गठन.