कुमाऊं में मूसलाधार बारिश से उफान पर गदेरे, आज भी भारी बारिश का अलर्ट

उत्तराखंड में मानसून की बारिश जारी है. खासकर कुमाऊं में झमाझम बारिश से नदी नाले-उफान पर हैं. बुधवार को भी भारी बारिश के कारण पहाड़ों पर हुए भूस्खलन से जिलों के 18 से अधिक आंतरिक मार्गों पर यातायात ठप पड़ गया. हालात ये हैं कि छोटा कैलाश की यात्रा पूरी कर लौटते वक्त पांगला के रास्ते में तबीयत बिगड़ने पर जान गंवाने वाले यात्री का शव भी पांगला में फंसा पड़ा है.

मुनस्यारी का तो सड़क संपर्क ही टूट चुका है. कुमाऊं भर में कई मकानों के टूटने, दो मवेशियों के बहने की घटनाएं हुई हैं. राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तराखंड के कई स्थानों पर अगले 36 घंटों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है.

नैनीताल-भवाली मार्ग पर बुधवार को सुबह करीब 10.30 बजे टूटा पहाड़ के पास भूस्खलन होने से कुछ देर के लिए मार्ग पर यातायात बाधित रहा. देवीपूरा-सौड़ मार्ग अभी भी बंद पड़ा है. ओखलकांडा के पटरानी गांव के गधेरे में दो मवेशी बह गए. पिथौरागढ़ नाचनी के पास नापड़ गांव में भारी बारिश से सात मकानों की दीवारें और लेंटर टूट गए. इन मकानों में रहने वालों ने गांव में ही दूसरे घरों में शरण ली हुई है.

थल के पास चौंसाला गांव में एक-दो मकानों को नुकसान पहुंचा है. जिले में अगले 24 घंटे में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मलबा आने से मुनस्यारी को जोड़ने वाली थल-मुनस्यारी और जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क बंद हो गई है.

थल-मुनस्यारी सड़क पर नया बस्ती, नाचनी, रातीगाड़, ग्वीरा, घटीगाड़, अस्याली में सड़क का बड़ा हिस्सा बह गई है, जबकि जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग धापा के पास बंद है. आवागमन बंद होने से इस मार्ग पर दर्जनों वाहन और सैकड़ों यात्री फंसे हैं. थल-पांखू, बलुवाकोट-पय्यांपौड़ी, तवाघाट-पांगला, सानदेव-ननपापू, नाचनी-बांसबगड़, नाचनी-नापड़, चौबाटी-बोराबुंगा, मदकोट-बोना सड़क बंद हो गई हैं.

बागेश्वर जिले में मंगलवार की रात मूसलाधार बारिश हुई. कपकोट में सर्वाधिक 165 एमएम बारिश होने से नदी-नाले उफान पर आ गए. कपकोट-कर्मी और खड़लेख-भनार मोटर मार्गों में विशाल बोल्डरों के साथ ही पेड़ भी आ गए. इन सड़कों के साथ ही कपकोट-सामा, सामा-तीजम, कपकोट-पोलिंग, नामतीचेटाबगढ़, सनगाड़-बास्ती और खड़लेख-भनार सड़कें बंद हो गईं.

सरयू और गोमती नदियां उफान पर आ गई हैं. प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट कर दिया है. पंद्रहपाली के ठंडापानी गांव में जंगल की पहाड़ी से उखड़कर एक पेड़ दरवाजा तोड़ते हुए मकान में घुस गया. घटना के समय मौके पर किसी के मौजूद नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया.

चंपावत जिले में टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वांला के समीप मलबा आने से कई बार वाहनों की आवाजाही बंद हुई. चंपावत-खेतीखान, लोहाघाट-पंचेश्वर तथा धौन से बनलेख तक चंपावत-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया है. जिले में धौन-दियूरी, तिमलागूठ-पीपलढ़ांग, धतीगांव-सिलतुगाड़ा, मडलक पांडेय, चंपावत मंच-तामली, बाराकोट सिमलखेत, मंच से नीड़, धौन-सिमली, चौमेल से वल्सों मोटर मार्गों पर बड़े वाहनों का संचालन ठप पड़ा है. पहाड़ पर हुई बारिश के बाद बनबसा में शारदा नदी का जल स्तर बढ़कर 86,330 क्यूसेक पहुंच गया.