उत्तराखण्ड की परिसम्पत्तियों पर उत्तर प्रदेश का कब्जा क्यों : दिवाकर भट्ट

देहरादून, यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने अस्थायी राजधानी देहरादून में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि,प्रदेश की भाजपा सरकार को 100 दिन पूरे होने के उपरांत भी राज्य की जनता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है. डबल इंजन की सरकार से राहत मिलने के बजाय जनता के सिर आफत आने लगी है. किसान आत्म हत्यायें कर रहे हैं और परिसम्पत्तियों को यूपी के हवाले कर दिया है.प्रदेश सरकार पूरी तरह से खनन भू माफियाओं के हाथों से चल रही है. शराबबन्दी को लेकर आंदोलित महिलाओं पर लाठीचार्ज किया जाना दर्शाता है कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को नशे की गिरफ्त में धकेलना चाहती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर राज्य की जनता ने भाजपा को डबल इंजन की सरकार दी.

जिसके फलस्वरूप सरकार ने हजारों करोड़ रुपये की परिस्पतियों का मालिकाना हक़ उत्तर प्रदेश को दे दिया है. जलाशय, सिंचाई विभाग की परिसम्पत्तियां तथा हरिद्वार के कुम्भ क्षेत्र को सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के कब्जे में दे दिया गया है. उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री का बरेली में दिया गया बयान चौंकाने वाला है. उत्तराखण्ड सरकार इस पर क्यों खामोश है. जनता इसका जवाब चाहती है.दिवाकर भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड ही एकमात्र ऐसा प्रदेश है जहां की परिसम्पतियों पर दूसरे प्रदेश का कब्ज़ा है. इसके साथ ही उन्होंने किसानों की आत्म हत्या करने के मामले में कहा कि देश आजादी के बाद यह पहला मौका है जब उत्तराखण्ड के किसान लगातार आत्म हत्याएं कर रहे हैं.

उत्तराखंड क्रांति दल प्रदेश सरकार से किसानों का कर्ज माफ़ करने और राज्य में कृषि नीति बनाएं जाने की मांग करती है. यूकेडी राज्य सरकार से अतिथि शिक्षकों तथा उपनल कर्मियों का नियमितीकरण किये जाने को उचित कदम उठाने की भी मांग करती है.विदित रहे अभी कुछ ही दिन पहले ही उत्तरावाणी ने ‘परिसम्पत्ति बंटवारे में बेटा काम आया न दामाद’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था. जिन बातों का जिक्र बुधवार (आज) यूकेडी के केन्द्रीय अध्यक्ष ने किया है. उन्हीं बिन्दुओं को समाचार में प्रमुखता से उठाया गया था. प्रेसवार्ता में पूर्व अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी, बीडी रतूड़ी और पुष्पेश त्रिपाठी मौजूद थे.