प्रधानमंत्री मोदी ने किया आतंकवाद, कट्टरपंथ की बुराई का विरोध करने का आहवान

येरूशलम।… प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात कहा कि जो लोग मानवता और सभ्यता के मूल्यों में विश्वास रखते हैं उन्हें एकजुट होकर आगे आना चाहिए और इनका किसी भी कीमत पर बचाव करना चाहिए. उन्होंने दुनियाभर में महामारी की तरह फैली आतंकवाद, कट्टरपंथ और हिंसा की बुराईयों का दृढ़ संकल्प के साथ विरोध करने का आहवान किया.

अपने इस्राइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मिलकर जारी किए गए प्रेस वक्तव्य में मोदी ने कहा, ‘येद वाशेम स्मारक, यह कई पीढ़ियों पहले ढहाए गए कहर की याद दिलाता है.’ येद वाशेम स्मारक संग्रहालय में पुष्पांजलि अर्पित कर मोदी ने नाजी जर्मनी द्वारा मार दिए गए 60 लाख यहूदियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि यह स्मारक ‘त्रासदी की गहराईयों से ऊपर उठने, नफरत को पराजित करने और एक ऊर्जावान लोकतांत्रिक देश के निर्माण के लिए आगे बढ़ने के लिए आपकी अटूट इच्छाशक्ति’ के सम्मान का प्रतीक है.

उन्होंने कहा कि येद वाशेम हमें बताता है कि जो लोग मानवीयता और सभ्यता के मूल्यों में विश्वास रखते हैं उन्हें साथ आना चाहिए और इन्हें किसी भी कीमत पर बचाना चाहिए. इसके साथ ही हमारे समय में महामारी बन चुकी आतंकवाद, कट्टरपंथ और हिंसा की बुराईयों का पक्का इरादा करके विरोध करना चाहिए.’ नेतन्याहू ने कहा कि आतंकवाद की बुराई से निबटने के लिए दोनों देशों को मिलकर खड़ा होना होगा.

भारत और इस्राइल को ‘सिस्टर डेमोक्रेसी’ बताते हुए उन्होंने कहा कि ‘हम साथ मिलकर महान काम कर सकते हैं.’ मोदी ने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच जो संबंध है वह हजारों वर्ष पुराने हैं जब यहूदी पहली बार भारत के दक्षिण-पश्चिम तट पर उतरे थे. तब से यहूदी, उनकी परंपराएं और रीति रिवाज भारत में फले-फूले और समृद्ध हुए हैं.

उन्होंने कहा, ‘हमें भारत के यहूदी बेटों और बेटियों पर गर्व हैं जैसे कि लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब, वाइस एडमिरल बेंजामिन सेमसन, प्रसिद्ध वास्तुकार जोशुआ बेंजामिन और फिल्मी कलाकार जैसे नादिरा, सुलोचना और प्रमिला. इन लोगों के विविध योगदान ने भारतीय समाज के तानेबाने को और समृद्ध किया है.’ उन्होंने कहा कि भारतीय यहूदी इस साझा इतिहास की जीवंत और ऊजार्वान कड़ी हैं. उनका यह इस्राइल दौरा दोनों देशों के समुदायों के बीच प्राचीन संबंधों का उत्सव है.

मोदी ने कहा कि एक चौथाई सदी पहले दोनों देशों के बीच स्थापित संपूर्ण राजनयिक संबंधों के बाद से दोनों देशों के बीच संबंधों ने तेजी से प्रगति की है.

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आगामी दशकों में, हम चाहते हैं कि हमारा रिश्ता ऐसा बने जो हमारे आर्थिक संबंधों का पूरा परिदृश्य ही बदलकर रख दे.’ उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और विकास प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए प्रौद्योगिकी तथा नवाचार पर इसका फोकस इस्राइल के साथ अकादमिक, वैज्ञानिक तथा शोध और कारोबारी संपर्कों के विस्तार के लिए सकारात्मक संभावनाओं को बढ़ाता है.

नेतन्याहू द्वारा तेल अवीव में प्रधानमंत्री आवास पर दिए गए रात्रिभोज से पहले मोदी ने एक वक्तव्य में कहा, ‘हम अपनी शांति, स्थिरता और समृद्धि के समक्ष पेश आने वाली साझा चुनौतियों से निबटने के लिए सुरक्षा साझेदारी को और मजबूत करना चाहते हैं. इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एक स्पष्ट कार्य एजेंडा बनाने के लिए मैं प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ मिलकर काम करूंगा.’