अब प्याज नहीं टमाटर ने ग्राहकों को रुलाया

नई दिल्ली, बारिश की फुहारें पड़ते ही टमाटर के भाव आसमान छूने लगे हैं. पिछले कुछ दिनों पहले तक जो टमाटर 20 से 25 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, वह अब 100 रुपये किलो तक पहुंच गया है. टमाटर के भाव बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ने लगा है. सब्जी विक्रेताओं का मानना है कि टमाटर के भाव बढ़ने का कारण बारिश के कारण फसल खराब होना मान रहे हैं.अन्‍य सब्जियों की कीमतें भी बढ़ने लगी हैं, इससे आम लोगों का घरेलू बजट लड़खड़ाने लगा है. टमाटर उगाने वाले राज्यों में तेज गर्मी के बाद हुई बारिश की वजह से फसल को काफी नुकसान हुआ है. ऐसे में अगली फसल आने तक दामों में तेजी बने रहने की आशंका है. टमाटर की नई फसल अगस्त के अंत तक आने की उम्मीद है.

कहा जा रहा है कि हरियाणा में लगभग 70 प्रतिशत तक फसल बर्बाद हुई है, जिसकी वजह से वहां भी दाम बढ़ गए हैं. बता दें इस मौसम में दिल्ली में ज्यादातर टमाटर हरियाणा से ही आते हैं. राजस्थान, पंजाब और कई दूसरे राज्यों में भी टमाटर के दाम का लगभग यही हाल है.

हरी सब्जियों की बात करें तो बीन्स और फूलगोभी की कीमत 50 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 60-70 रुपये प्रति किलो हो गई है. वहीं ककड़ी की कीमतें 20-25 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 40 रुपये प्रति किलोग्राम हो गईं है. आलू भी महंगा हुआ है, आलू की कीमतें 20 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 30 रुपये प्रति किलो हो गई है. नींबू की कीमतों में भी उछाल है 250 ग्राम नींबू 20-25 रुपये बढ़कर 30-40 रुपये हो गया है.

दरअसल टमाटर की पैदावार का मौसम न होने के कारण इसकी कीमत हर साल जून से सितंबर के दौरान बढ़ जाती है, लेकिन इस बार फसल की अच्छी पैदावार होने के कारण 15 दिन पहले तक टमाटर के दामों में तेजी नहीं आयी थी, लेकिन जैसे ही बारिश का हुई, टमाटर की मंडी में आवक कम होने लगी और दाम बढ़ने लगे.