नैनीताल के होटलों ने ये काम नहीं किया तो 50 फीसदी कमरे हो जाएंगे जब्त

नैनीताल में होटलों को अपने यहां कमरों की संख्या के अनुरूप कम से कम 60 फीसदी पार्किंग की जगह उपलब्ध करानी होगी और ऐसा करने में विफल रहने पर उनके 50 फीसदी कमरों को जब्त कर लिया जाएगा.

नैनीताल शहर में यातायात की समस्या से निपटने के लिए उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को दिए अपने ऐतिहासिक फैसले में क्षेत्रीय या राज्य परिवहन विभाग को भी नैनीताल के लिए टैक्सी चलाने हेतु नए परमिट जारी न करने के भी आदेश दिए.

कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि जब तक 60 फीसदी पार्किंग क्षेत्र उपलब्ध नहीं कराया जाएगा, तब तक सराय अधिनियम या टूर एंड ट्रैवल रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत कोई नया गेस्ट हाउस या होटल आदि पंजीकृत नहीं किया जाएगा.

हाल के दिनों में नैनीताल शहर वाहनों के भारी संख्या में आ जाने से यातायात की समस्या से ग्रस्त रहा है. नगर पालिका के अधिवक्ता डीएस पाटनी ने अनुमान जताया कि नैनीताल में प्रतिदिन 4000 कारों और 16000 दुपहिया वाहनों ने प्रवेश किया. उन्होंने बताया कि 800 से 1000 वाहनों के लिए पार्किंग की जगह उपलब्ध होने के अलावा करीब 3000 वाहन सड़क पर ही दौडते रहे.

न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि नैनीताल में बने होटलों को अपने कमरों की कुल संख्या के हिसाब से 60 फीसदी पार्किंग की जगह उपलब्ध करानी होगी. अन्यथा उनके 50 फीसदी कमरे जब्त कर लिए जाएंगे. अपर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी और होटल एसोसिएशन के सदस्य की एक टीम इसके लिए एक रजिस्टर बनाकर उसमें जानकारी दर्ज करेगी.

नैनीताल के जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी ने अदालत को अवगत कराया कि लेक ब्रिज टोल टैक्स बूथ को तल्लीताल रिक्शा स्टैंड से हनुमानगढ़ के निकट हल्द्वानी रोड पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा जिससे शहर में यातायात का सुगम आवागमन बना रहे. जिलाधिकारी ने बताया कि इसके अलावा प्रशासन 500 अतिरिक्त वाहनों के लिए पार्किंग स्थल विकसित करने पर भी काम कर रहा है.