लिपुलेख के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा जारी रखें यात्री : चीन

बीजिंग…. चीन ने सोमवार को कहा कि वह उत्तराखंड में लिपुलेख र्दा के जरिए कैलाश मानसरोवर जाने वाले तीर्थयात्रियों को अनुमति जारी रखेगा.चीन ने कुछ दिन पहले ही भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच तनातनी को लेकर सिक्किम में नाथू ला रास्ते को बंद कर दिया है.विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने यहां संवाददाताओं से कहा कि नाथू ला मार्ग दो साल से ज्यादा समय से सुचारू रूप से चल रहा था और संबंधित चीनी विभागों ने इस घटना के पहले तैयारियां भी कर ली थी.

उन्होंने कहा, ‘भारतीय सैनिकों के अवैध प्रवेश और सुरक्षा चिंताओं के कारण, हमने गतिविधि :नाथू ला के जरिए: स्थगित कर दी. इसकी बहाली इस बात पर निर्भर करेगी कि भारतीय पक्ष अपनी गलती सुधारता है या नहीं. ‘ उन्होंने कहा कि जहां तक तिब्बत में दूसरे र्दे का सवाल है, भारतीय तीर्थयात्रियों का प्रवेश अब भी जारी है तथा र्दा चीन..भारत सीमा के मध्य में स्थित है जहां कोई विवाद नहीं है. वहां तीर्थयात्रा जारी है.

तिब्बत में 15,160 फुट की उंचाई पर स्थित कैलाश एवं मानसरोवर की यात्रा करने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए चीन ने नाथू ला के रास्ते दूसरा मार्ग खोला था.नाथू ला रास्ते की तरह ही विदेश मंत्रालय 1981 से ही लिपुलेख र्दा के रास्ते यह यात्रा आयोजित कर रहा है.चीन द्वारा नाथू ला रास्ते को बंद किए जाने से करीब 800 तीर्थयात्री प्रभावित हुए हैं.कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रा हिन्दुओं के साथ-साथ जैन और बौद्ध धर्म के लोगों के लिए भी धार्मिक महत्व रखता है.