हरिद्वार: छह साल की मासूम को अगवा कर किया रेप का प्रयास, असफल होने पर की हत्या

सांकेतिक तस्वीर

देहरादून, हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में छह साल की मासूम को अगवा कर उसके साथ रेप का प्रयास हुआ. विफल होने पर आरोपी ने ईंट से कुचलकर उसकी हत्या कर दी. इस घिनौने जुर्म को अंजाम देकर भाग रहे सख्श को उसके सगे भाई ने देख लिया और उसकी पोल खुल गयी. आरोपी का एक अन्य भाई पुलिस में जवान है.लक्सर कोतवाली में मीडिया के सामने इस सनसनीखेज घटना का खुलासा करते हुए एसपी आर मणिकांत मिश्रा ने बताया कि सुल्तानपुर की छह वर्षीय बच्ची संदिग्ध हालात में 27 जून की शाम को लापता हो गई थी. खोजबीन के दौरान गांव में ही आंगनबाड़ी के भवन से बच्ची का शव बरामद हुआ था. चेहरे पर ईंट मारकर मासूम बच्ची की हत्या की गई थी.

बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास हुआ है. इस पर पुलिस ने अपनी पड़ताल शुरू की. पुलिस ने गांव के कई युवकों और आपराधिक छवि वाले लोगों से पूछताछ की. इसी दौरान पुलिस को पड़ोस के ही गुलसनव्वर अली पुत्र शरीफ अहमद की गतिविधियों पर संदेह हुआ. पूछताछ में गुलसनव्वर ने बताया कि 27 जून की शाम को पड़ोस में रहने वाली बच्ची बाहर खेल रही थी. वह उनके घर आता जाता रहता था.

इसलिए जब उसने बच्ची को बुलाया तो वह उसके पास आ गई. वह बच्ची को बहाने से आंगनबाड़ी के निर्माणाधीन भवन के भीतर ले गया. जहां उसने बच्ची का मुंह बंद कर उससे दुष्कर्म करना चाहा. लेकिन मुंह बंद होने से बच्ची शांत हो गई. उसे पता नहीं चल पा रहा था कि बच्ची मर गई है या फिर वह बेहोश है. उसे लगा कि यदि बच्ची जिंदा रह गई तो वह सब कुछ बता देगी. इसलिए उसने समीप पड़ी ईंट उठाई और बच्ची के चेहरे पर वार किए. किसी को उस पर संदेह न हो इसके लिए वह बच्ची को तलाश कराने में भी सहयोग करने लगा. पुलिस ने इस मामले में गांव के 237 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. उनके द्वारा दी गई जानकारी को क्रास चेक किया. तब जाकर आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ सका.आरोपी गुलसनव्वर के तीन भाई है. बड़ा भाई गुलरेज पुलिस में है. वर्तमान में वह पौड़ी में तैनात है.

आरोपी को जब हिरासत में लेकर पूछताछ हो रही थी कि तो उसने कई बार अपने भाई के पुलिस में होने की बात कही. साथ ही कई बार पुलिस को गुमराह किया. लेकिन बच्ची की हत्या के बाद आरोपी जिस समय आंगनबाड़ी भवन के निर्माणाधीन भवन की ओर से निकल रहा था तो उसने मुंह पर हाथ रखा हुआ था ताकि यदि कोई उसे देख भी ले, तो उसे पहचान न सके. लेकिन बड़ी बात यह रही कि गुलसनव्वर को मुंह पर हाथ रखकर भागते हुए उसके ही भाई गुलबहार ने देख लिया था. उसने यह बात ग्रामीणों को बताई थी कि उसने एक युवक को मुंह पर हाथ रखकर वहां से भागते हुए देखा था. छह वर्ष की मासूम बच्ची पढ़ाई में बेहद होशियार थी. परिजनों की माने तो उसके तेज दिमाग को देखते हुए स्कूल वालों ने तीसरी कक्षा में प्रवेश दे दिया था. जबकि उसके साथ के सभी बच्चे कक्षा एक में है. इस घटना ने पूरे गांव को सकते में डाल दिया है. बच्ची का इस तरह से घर के बाहर से बुलाकर ले जाना और उसके साथ गलत काम करना अपने आप में झकझोर देने वाली घटना है. इससे हर माता-पिता अपने बच्चों को लेकर असुरक्षित महसूस करने लगे हैं.