धारचूला में बादल फटने से एक मकान जमींदोज

पिथौरागढ़, पिथौरागढ़ जिले के अंतर्गत सीमान्त तहसील धारचूला के हाट गांव में बादल फटने की खबर सामने आ रही है. बताया जा रहा कि भूस्खलन से हाट गांव में एक मकान जमींदोज हो गया है. गनीमत यह रही कि कमरों में घटना के समय किसी के नहीं होने से जनहानि नही हुई. वहीं भूस्खलन की जद में गांव के अन्य मकान भी आ गए हैं. जिसकी सूचना तहसील मुख्यालय धारचूल और जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ को दे दी है और प्रशासन के अधिकारी घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच चुके हैं.

भूस्खलन की जद में पांच मकानों का क्षति का आकलन कर परिवारों को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया है.गौरतलब है कि मलबे की चपेट में आने से घौलीगंगा हाइड्रो प्रोजेक्ट से ग्रिड तक जुड़ी लाइन का एक टावर भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है. धारचूला क्षेत्र में  रविवार रात भर बारिश हुई थी और सोमवार सुबह थम गई.

बाद में धारचूला नगर से लगभग दो किमी दूर हाट गांव क्षेत्र में कुछ देर तेज बारिश हुई. ग्रामीणों के अनुसार इस दौरान गांव से लगभग 300 मीटर ऊंचाई पर पहाड़ में तेज आवाज हुई और पानी की धारा फूटने लगी. पानी के साथ मलबा आने लगा गांव में कन्याल भवन मलबे की चपेट आकर ध्वस्त हो गया. गनीमत रही कि पूरा मलबा गांव और टनकपुर तवाघाट हाईवे तक नहीं पंहुचा. अन्यथा भारी नुकसान हो जाता. सड़क में आए मलबे को हटा दिया है. क्षेत्र की दुकाने बंद करा दी है. ग्रामीण दहशत में है. राजस्व दल और पुलिस गाव में पहुंची है.

वहीं मुनस्यारी तहसील में लगातार बारिश से लोग दहशत में हैं बीते दिन भूस्खलन के कारण मुनस्यारी मार्ग कई जगह बंद हो गया था. जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. उल्लेखनीय है कि सीमान्त तहसील में धारचूला पहले भी आपदा का दंश झेल चुका है. 2013 की केदारनाथ आपदा के वक्त धारचूला और मुनस्यारी तहसील को काफी नुकसान हुआ था. भूस्खलन के चपेट में आने से कई घर जमींदोज हो गए थे और कई एकड़ संचित भूमि बह गई थी.