यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित राज्यपाल केके पाल ने दिए खास निर्देश

मानसून सीजन में उत्तराखंड आने वाले यात्रियों व स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंतित राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल ने शुक्रवार को अधिकारियों को भूस्खलन से मार्ग अवरोध की घटनाओं के लिए पर्याप्त इंतजाम करने और दुर्घटना मार्गों की निगरानी के लिए पेट्रोलिंग टीम गठित करने के निर्देश दिए.

अस्थायी राजधानी देहरादून स्थित राजभवन से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, राज्यपाल ने ये निर्देश सचिव आपदा प्रबंधन अमित सिंह नेगी और पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल के साथ एक समीक्षा बैठक के दौरान दिए.

पाल ने यात्रा मार्गों में बोल्डर तथा भूस्खलन से होने वाले मार्ग अवरोध जैसी घटनाओं के लिए इंतजाम किए जाने तथा दुर्घटना मार्गों की निगरानी के लिए पेट्रोलिंग टीम गठित किए जाने के निर्देश दिए.

उन्होंने लगातार होने वाली वर्षा से नदियों में बढ़ने वाले जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर नजर रखते हुए स्थानीय नागरिकों को सूचना पहुंचाने के लिए एक केंद्रीयकृत सूचना प्रणाली विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए.

राज्यपाल ने कहा कि मौसम खराब होने व संचार माध्यमों के बाधित होने की स्थिति में संचार की वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाए, जिससे किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.

उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर डॉक्टरों की तैनाती भी सुनिश्चित करने को कहा ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा यात्रियों व स्थानीय लोगों को न हो.

पाल ने सुझाव दिया कि पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा जल एकत्र होने और बर्फ पिघलने की अधिक गति से पानी की अधिकता होने के कारण झील बनने तथा बाढ़ आने के खतरों की सूचना पहले से ही इकट्ठा करने के लिये उपग्रह की सहायता से रोजाना डाटा एकत्रित किया जाना चाहिए.