टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को 93 रनों से हराया, धोनी-रहाणे और अश्विन-कुलदीप बने हीरो

नार्थ साउंड।… भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही वनडे सीरीज के तीसरे वनडे मैच में भारत ने वेस्टइंडीज को 93 रनों से शिकस्त दे दी. वेस्टइंडीज की पूरी टीम 38.1 ओवर में 158 रन बनाकर ऑल आउट हो गई.

भारत की तरफ से रविचंद्रन अश्विन ने तीन विकेट चटकाए. इसी के साथ फिरकी गेंदबाज रविचंद्र अश्विन ने अपने एक दिवसीय करियर के 150 विकेट के आंकड़े को भी छू लिया. कुलदीप ने तीन, पांड्या ने दो और उमेश तथा केदार जाधव ने एक-एक विकेट लिया.

मेहमान टीम के 251 रनों के जवाब में मेजबान टीम के बल्लेबाज बेदम नजर आए. इससे पहले सलामी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की अर्धशतकीय पारियों से भारत ने वेस्टइंडीज की कसी हुई गेंदबाजी के बावजूद चार विकेट पर 251 रन बनाए थे.

वेस्टइंडीज के गेंदबाजों विशेषकर स्पिनरों ने कसी हुई गेंदबाजी करके भारतीयों को खुलकर नहीं खेलने दिया. रहाणे ने फिर से शीर्ष क्रम में अपनी उपयोगिता साबित की और 72 रन की पारी खेली. उन्होंने युवराज सिंह (39) के साथ तीसरे विकेट के लिए 66 और महेंद्र सिंह धोनी (नाबाद 78) के साथ चौथे विकेट के लिए 70 रन की साझेदारी करके भारत को शुरुआती झटकों से उबारा.

धोनी ने केदार जाधव (नाबाद 40) के साथ भी 81 रन की अटूट साझेदारी निभाई. इन दोनों ने डेथ ओवरों में तेजी दिखायी, जिससे भारत आखिरी चार ओवरों में 51 रन जुटाने में सफल रहा. धोनी ने अपनी 79 गेंदों की पारी में चार चौके और दो छक्के लगाए. वेस्टइंडीज की तरफ से मिगुएल कमिन्स ने दो, जबकि देवेंद्र बिशू और जैसन होल्डर ने एक-एक विकेट लिया.

भारत को टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करनी पड़ी और उसकी शुरुआत अच्छी नहीं रही. बेहतरीन फार्म में चल रहे सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (दो) और कप्तान विराट कोहली (11) दसवें ओवर तक ही पवेलियन लौट गए. जिससे भारत का स्कोर दो विकेट पर 34 रन हो गया.

धवन तीसरे ओवर में ही कमिन्स की शार्ट पिच गेंद पर थर्ड मैन पर कैच दे बैठे, जबकि कोहली कैरेबियाई कप्तान होल्डर की उछाल लेती गेंद का सही अनुमान नहीं लगा पाए जो उनके बल्ले का किनारा लेकर गली में गयी जहां शाई होप ने उसे एक हाथ से कैच में बदल दिया.

रहाणे और युवराज ने इसके बाद लगभग 17 ओवर तक विकेट नहीं गिरने दिया, लेकिन इस बीच वे वेस्टइंडीज के तेज और स्पिन मिश्रित आक्रमण के सामने अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना पाए. इन दोनों ने 3.92 रन प्रति ओवर की दर से 66 रन की साझेदारी की.

बिशू ने युवराज को एलबीडब्ल्यू आउट किया. अंपायर ने हालांकि अपील ठुकरा दी थी, लेकिन वेस्टइंडीज ने रेफरल का सहारा लिया जिसके बाद युवराज को पवेलियन लौटना पड़ा. उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में चार चौके लगाए. रहाणे ने इसके बाद पारी के 30वें ओवर में कमिन्स पर एक रन लेकर 83 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया. वर्तमान श्रृंखला में वह लगातार तीसरी पारी में 50 से अधिक रन बनाने में सफल रहे. बीच में हालांकि नौ ओवर तक कोई बाउंड्री नहीं गई.

रहाणे ने स्क्वायर लेग पर पारी का पहला छक्का लगाकर गेंद को सीमा रेखा के दर्शन कराए. धोनी ने भी 39वीं गेंद का सामना करते हुए पहली बार गेंद चार रन के लिए भेजी. वह जब 38 रन पर थे तब बिशू की गेंद पर उन्हें जीवनदान मिला. भारत ने 40 ओवर के बाद तीन विकेट पर 161 रन बनाए थे.

रहाणे की धैर्य और संघर्ष से भरी पारी का अंत बिशू ने खूबसूरत कैच लेकर किया. कमिन्स की गेंद को रहाणे कवर प्वाइंट में खाली जगह से निकालना चाहते थे, लेकिन बिशू ने डाइव लगाकर उसे कैच में बदल दिया. रहाणे ने 112 गेंदें खेली तथा चार चौके और एक छक्का लगाया.

धोनी ने 66 गेंदों पर अपने करियर का 63वां अर्धशतक पूरा किया. इसके बाद उन्होंने डेथ ओवरों में अपने असली तेवर दिखाए. धोनी ने होल्डर की लगातार दो गेंदों पर छक्के जड़कर उनका गेंदबाजी विश्लेषण बिगाड़ा. जाधव ने भी उनसे प्रेरणा लेकर विलियम्स की गेंद छह रन के लिए भेजी और इसी गेंदबाज की पारी के आखिरी ओवर में दो चौके लगाए. जाधव ने 26 गेंदें खेली तथा चार चौके और एक छक्का लगाया.