#GST: PM मोदी और राष्ट्रपति ने बजाई घंटी, एक राष्ट्र-एक टैक्स के सूत्र में बंधा देश

राजनीतिक बहिष्कार के बीच देश के सबसे बड़े कर सुधार का कारवां चल पड़ा है. सेंट्रल हॉल में राष्ट्रगान के साथ जीएसटी लॉन्च के लिए कार्यक्रम शुरू हुआ. शनिवार से जीएसटी के लागू होते ही अप्रत्यक्ष करों की दुनिया पूरी तरह से बदल गई है. इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बना संसद के सेंट्रल हॉल, जहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, वित्त मंत्री अरुण जेटली, बीजेपी अध्यक्ष अमित सहित संसद के दोनों सदनों के सदस्यों और जीएसटी के ब्रांड एंबेसडर अमिताभ बच्चन, स्वर कोकिला लता मंगेशकर सहित सार्वजनिक जीवन की 100 हस्तियों की उपस्थिति में इसके आगाज का कार्यक्रम रात 10.45 बजे शुरू हुआ. 80 मिनट तक चलने वाले इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के भाषण के बाद घंटा बजाकर जीएसटी को लागू करने की घोषणा की.

इसके साथ ही सेंट्रल एक्साइज, स्टेट एक्साइज, सर्विस टैक्स, वैट, सेनवैट, कस्टम, चुंगी, एंट्री टैक्स, लग्जरी टैक्स जैसे डेढ़ दर्जन टैक्स खत्म हो गए और उनकी जगह 5, 12, 18 और 28 फीसदी की दरें लागू हो गईं. पूरा देश एक बाजार बन गया है, जो यूरोपिय यूनियन से भी बड़ा है.

इसकी वजह से आम उपभोग की ज्यादातर चीजें सस्ती होंगी, क्योंकि उन पर कोई टैक्स नहीं है. इसके अलावा दैनिक इस्तेमाल की कई चीजें भी कम दाम पर मिलेंगी, हालांकि आपका मोबाइल बिल बढ़ सकता है और कई दूसरे चीजें भी महंगी हो सकती हैं.

क्रांतिकारी कही जाने वाली इस टैक्स व्यवस्था के फायदों को लेकर जहां उत्साह है, वहीं इस पर अमल में आने वाली तकनीकी दिक्कतों को लेकर कर विभाग और जीएसटी नेटवर्क के अधिकारी और व्यापारी चिंतित भी हैं.

राष्ट्रपति के भाषण की खास बातें

  • कुछ मिनट में हम जीएसटी का शुभारंभ देखेंगे.
  • मेरे लिए एक गर्व की बात है.
  • वित्त मंत्री के तौर पर मैंने भी संविधान संशोधन पेश किया था.
  • कई मंत्रियों और राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की थी.
  • सबने जीएसटी को पॉजिटिव तरीके से लिया था.
  • जीएसटी एक ऐतिहासिक कदम है.
  • मनोरंजन कर सस्ता हो जाएगा.

पीएम मोदी के भाषण की प्रमुख बातें

  • सरकार अब तक गरीबों के लिए व्यवस्थाओं में कम काम कर पाई, कोशिशें जरूर हुई.
  • हर किसी को तकनीकी नहीं आती, पर हर परिवार में 10वीं 12वीं के बच्चे हैं, जो सबकुछ समझते हैं.
  • नया चश्मा लेने पर ऊपर-नीचे करके एडजस्ट करना पड़ता है, जीएसटी भी जल्द ही एडजस्ट कर जाएगा.
  • देश चल पड़ा है, सफल कैसे हो. इसपर काम करें. अफवाहों पर ध्यान न दें.
  • भारत की आजादी के 75 साल हो रहे हैं. हम न्यू इंडिया के सपने को आगे लेकर बढ़ रहे हैं. जीएसटी इस सपने को पूरा करेगी.
  • जिन राज्यों में प्राकृतिक संपदाएं हैं, वो विकास की राह में किसी कारणवश पीछे रह गए.
  • एक कानून की व्यवस्था होने से पूरे देश का विकास होगा.
  • खासकर नॉर्थ-ईस्ट, बिहार, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को.
  • जीएसटी ऐसी व्यवस्था है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करेंगे.
  • ये एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार करेगा.
  • छोटे व्यापारियों को मिलेगी सहूलियत
  • आज देश आगे का रास्ता तय करने जा रहा है.
  • जीएसटी हमारी साझा विरासत है.
  • आज सेंट्रल हॉल में हम याद करते हैं 9 दिसंबर 1946 जब संविधान सभा की प्रथम बैठक हुई थी.
  • 14 अगस्त को इसी हॉल में आजादी की घोषणा की गई थी.
  • जीएसटी टीम इडिया की शक्तियों का परिचायक है.
  • गरीबों के प्रति हमने समान रूप से चिंता की है.
  • जीएसटी काउंसिल को धन्यवाद देता हूं.
  • राज्यों के मन में बहुत सारे सवाल थे, जिनकी सारी शंकाओं को दूर करने का प्रयास किया था.
  • जीएसटी सिर्फ अर्थव्यवस्था के दायरे तक तय नहीं
  • जीएसटी किसी एक दल की सिद्धि नहीं
  • 125 करोड़ देशवासी इस ऐतिहासिक घटना के साक्षी
  • आज वर्षों के बाद हम एक नयी अर्थव्यवस्था के लिए मौजूद
  • 14 अगस्त 1947 की रात 12 बजे आजादी की गवाह
  • संविधान सभा के बाद जीएसटी भी ऐतिहासिक
  • जीएसटी एक लंबी विचार के प्रक्रिया का नतीजा
  • जीएसटी में गरीबों के लिए सारी सेवाएं बरकरार
  • जीएसटी संघीये ढ़ाचे की मिसाल
  • गीता के भी 18 अध्याय और जीएसटी की भी 18 बैठकें

वित्तमंत्री अरुण जेटली के भाषण की खास बातें

  • भारत की एक नई यात्रा शुरू होगी आज आधी रात से
  • एक नए भारत का उदय होगा रात से
  • भारत के लोग राष्ट्रीय हित में एक साथ खड़े हुए हैं.
  • जीएसटी से नए भारत का निर्माण होगा.
  • सबको साथ लेकर के चलना होगा.
  • जीएसटी की प्रक्रिया 15 साल पहले शुरू हुई थी.
  • संसद की स्टैंडिंग कमेटी ने इसका सुझाव दिए थे
  • प्रोफेसर दासगुप्ता से जीएसटी की शिक्षा मिली
  • जीएसटी पर सर्वसम्मति से फैसला लिया गया
  • 17 टैक्स और 23 सेस खत्म हो जाएंगे
  • अब महीने की 10 तारिख को एक टैक्स फार्म भरना होगा
  • जीएसटी से मंहगाई टैक्स चोरी पर लगाम
  • राज्यों ने एकमत से काम किया है
  • जीएसटी से देश की GDP को लाभ होगा

हर क्षेत्र की हस्तियां बनीं जीएसटी लांच की गवाह
देश के शीर्ष नौकरशाह, उद्योग और सिने जगत की हस्तियां संसद के केंद्रीय कक्ष में शुक्रवार आधी रात को जीएसटी के लांच होने के ऐतिहासिक पल की गवाह बनीं. सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर, मेगास्टार अमिताभ बच्चन, उद्योगपति रतन टाटा के अलावा, सीएजी शशिकांत शर्मा, उनके पूर्ववर्ती विनोद राय, टीएन चतुर्वेदी, सीवीसी केवी चौधरी, मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी और अन्य चुनाव आयुक्त, नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पन गढ़िया, मेट्रोमैन ई श्रीधरन, संपादक एस गुरुमूर्ति, कृषि विज्ञानी एमएस स्वामीनाथन, यूपीएससी चेयरमैन डेविड आर सिम्लिह, सीबीईसी के चेयरमैन वीएन सरना और सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा भी इस अवसर पर मौजूद थे. इसके अलावा अतिथियों में वरिष्ठ अधिवक्ता सोली सोराबजी, केके वेणुगोपाल, हरीश साल्वे, फिक्की के पंकज पटेल, सीआईआई की शोभना कामिनेनी और एसोचैम के सुनील कनोरिया भी शामिल थे.