उत्तराखंड में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग पर बनेगी देश की सबसे लंबी सुरंग, तैयारियां शुरू

जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर बनी देश की सबसे लंबी सुरंग चेनानी-नाशरी (9.28 किमी) से भी लंबी सुरंग अब उत्तराखंड में बनने जा रही है. इसके ल‌िए केंद्र सरकार ने तैयार‌ियां पूरी कर ली हैं. यह सुरंग 15.2 किमी लंबी होगी.

जी हां, यह सुरंग ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर बनने जा रही है. देवप्रयाग से लछमोली तक 15.2 किमी रेल मार्ग सुरंग से होकर गुजरेगा. अभी तक देश में रेलवे मंत्रालय की ओर से तैयार किए गए ड्राफ्ट के अनुसार कर्णप्रयाग तक रेल मार्ग पर 17 पुलों का निर्माण होगा. इस रेलवे लाइन का निर्माण कार्य वर्ष 2027 तक पूर्ण हो जाएगा.

राज्य के पहाड़ी जिलों को रेलवे मार्ग से जोड़ने के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के अधिकारियों द्वारा अंतिम ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है. ड्राफ्ट के अनुसार ऋषिकेश से कर्णप्रयाग (सिवांई) तक 125.2 किमी रेल मार्ग का निर्माण किया जाएगा.

जिसमें से 105 किमी तक रेल सुरंगों से होकर गुजरेगी. मार्ग में 17 मेगा ब्रिज का भी निर्माण किया जाएगा. 105 किमी सुरंगों में देवप्रयाग और लछमोली के मध्य बनने वाली 15.2 किमी सुरंग देश के मोटर ओर रेल मार्गों में अभी तक की सबसे लंबी सुरंग होगी.

अभी तक देश में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर बनी 9.28 किमी चेनानी-नासूरी सुरंग सबसे अधिक लंबाई की है. चमोली जिले में घोलतीर, गौचर और कर्णप्रयाग में रेलवे स्टेशन प्रस्तावित हैं.

घोलतीर से गौचर और गौचर से सिवाई तक दो टनल बनेंगी. जिले में रेल मार्ग निर्माण के लिए जिला प्रशासन की ओर से राजस्व की 47.442 हेक्टेयर, सिविल की 12.335 हेक्टेयर और 17.62 हेक्टेयर वन भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा. ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल योजना के परियोजना प्रबंधक ओम मलगुड़ी ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग का निर्माण वर्ष 2027 तक पूर्ण हो जाएगा.