GST का उत्तराखंड में भी भारी विरोध, व्यापारियों ने की हड़ताल

देहरादून, वस्तु एवं सेवा कर यानि GST के विरोध में व्यापार जगत की देश व्यापक हड़ताल से देवभूमि उत्तराखंड भी अछूता नहीं है. गढ़वाल हो कुमाऊँ हो या मैदानी क्षेत्र हर जगह व्यापारियों ने मोदी सरकार की इस पहल का पुरजोर विरोध किया और अपनी दुकानें बंद रखीं. देव भूमि उद्योग व्यापार मंडल, प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल, कांग्रेस उद्योग व्यापार प्रकोष्ठ और अन्य सामाजिक संगठनों ने भी भारत बंद को समर्थन दिया है.

व्यापारियों की मांग है कि जीएसटी में दूसरे राज्यों की तरह उत्तराखंड समेत पर्वतीय जिलों में न्यूनमत सीमा 20 लाख हो, मासिक रिटर्न की अनिवार्यता समाप्त कर त्रैमासिक हो, सरलीकरण किया जाए. वहीं केंद्र की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिलने पर सभी व्यापार मंडल व सामाजिक संगठनों ने बंद का समर्थन किया है.

देहरादून की बात करें तो कपड़ा व्यापारियों ने जीएसटी का विरोध करते हुए बाजार बंद रखा. जिसकी वजह से पल्टन बाजार, तहसील बाजार, इंदिरा मार्किट, मोती बाजार आदि प्रमुख जगहों पर ज्यादातर दुकानों में ताले लटके रहे . वहीं, गढ़वाल के भी कई हिस्सों में व्यापारियों ने जीएसटी के खिलाफ अपनी दुकानें नहीं खोली.कुमाऊं की आर्थिक राजधानी हल्द्वानी में रेलवे बाजार, नया बाजार, पटेल चौक, मुख्य बाजार समेत सभी बाजारों में दुकानें बंद हैं. व्यापारी केंद्र के इस जबरन थोपे जा रहे टैक्स के विरोध में धरना प्रदर्शन किया.