पति ने 19 महीने बाद खोज निकाली केदारनाथ आपदा में लापता पत्नी, किया गया था मृत घोषित, अब बनेगी फिल्म

विजेंद्र सिंह राठौर की आपबीती में लोगों को साल 2013 की केदारनाथ आपदा की भीषणता देखने को मिलेंगी. चारधाम यात्रा के दौरान उत्तराखंड आए राठौर का परिवार भी उस आपदा की चपेट में आ गया था.

इसमें राठौर की पत्नी लीला खो गई. वह भूखे-प्यासे अपनी पत्नी लीला को ढूंढते रहे. 19 महीने भटकने के बाद आखिरकार उनकी पत्नी मिल गई. राठौर की इस कहानी पर अब फिल्म बनाने की तैयारी है. दंगल फिल्म के निर्माता सिद्धार्थ रॉय कपूर ने इसके लिए राइट्स हासिल कर लिए हैं.

विजेंद्र सिंह राठौर की आपबीती की कहानी फिल्म निर्माता कपूर को खासी पसंद आयी. खासतौर पर विजेंद्र का चरित्र उन्हें अच्छा लगा. विजेंद्र की दृढ़ इच्छा शक्ति और पत्नी से प्रेम कपूर को खूब भाया.

सूत्रों के अनुसार फिल्म का निर्देशन ‘मिस टनकपुर’ फेम विनोद कापड़ी करेंगे. माना जा रहा है कि राठौर की आपबीती और संघर्ष की कहानी दर्शकों पर अलग तरह का प्रभाव डालेगी.

फिल्म की स्टोरी का खाका तैयार कर लिया गया है. इसमें बताया गया कि विजेंद्र जब चारधाम यात्रा पर आए, उसी वक्त आपदा आ गई. बाढ़ में विजेंद्र की पत्नी बह गई.

अधिकारिक रूप से उसे मृत घोषित कर दिया गया. लेकिन विजेंद्र का दिल यह मानने को तैयार नहीं हुआ और उन्होंने अपनी पत्नी की खोज शुरू कर दी. इस संघर्ष में विजेंद्र का पुश्तैनी मकान भी बिक गया.

उसने न रात देखी और न दिन एक हजार गांवों में जाकर पत्नी की तलाश की. इस दौरान उनके पांच बच्चों बेटी लक्ष्मी, पिंकी, पुष्पा, सीमा और बेटे सागर ने हौसला बंधाया. आखिर में तलाश पूरी हुई और लीला मिल गई.