सिक्किम में घुसे चीनी सैनिक, भारतीय जवानों से की हाथापाई

सिक्किम, चीनी सैनिकों ने सिक्किम में भारतीय सीमा के भीतर घुसपैठ की एक और गंभीर हरकत को अंजाम दिया है. इस दौरान चीनी सैनिकों ने ना सिर्फ दो भारतीय सैन्य बंकरों को नष्ट कर दिया बल्कि भारतीय जवानों से भी हाथापाई की. सीमा पर चीनी सैनिकों की इस नापाक हरकत को भारतीय सैनिकों ने मानव श्रृंखला बनाकर रोका. घुसपैठ की इस घटना के दौरान चीनी सैनिकों और भारतीय सैनिकों के बीच झड़प भी हुई. वहीं चीनी सेना का कहना है कि भारतीय सेना सिक्किम में चीन-भारत सीमा के नजदीक सड़क निर्माण रोक रही है. उसके इस कदम से सीमा पर शांति को गंभीर नुकसान पहुंचा है.

चीन ने घुसपैठ की इस हरकत को ऐसे समय अंजाम दिया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका दौरे पर हैं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ उनकी अहम वार्ता हो रही है. इससे एक दिन पहले ही चीन के सरकारी मीडिया ने भारत-अमेरिका के बीच बढ़ती दोस्ती पर चिंता जताई थी. चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने सिक्किम के डोका ला जनरल एरिया में भारतीय सीमा में घुसपैठ की.

सरकारी सूत्रों ने बताया कि चीनी सैनिकों ने जब सीमा का अतिक्रमण किया तो भारतीय सैनिकों के साथ उनकी झड़पें भी हुईं. इस दौरान चीनी सैनिकों ने दो भारतीय सैन्य बंकर नष्ट कर दिए. दोनों बंकर डोका ला के लालटेन क्षेत्र में थे. इसके बाद चीनी सैनिकों को पीछे धकेलने के लिए भारतीय सैनिकों को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर काफी संघर्ष करना पड़ा. ताकि चीनी सैनिक सीमा के और अंदर न घुस सकें. इसके लिए भारतीय सैनिकों ने एलएसी पर मानव श्रृंखला बनाई और चीनी सैनिकों को पीछे हटने के लिए बाध्य किया.

सिक्किम सेक्टर में चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच एलएसी पर यह रस्साकशी पिछले 10 दिनों से चल रही थी. भारतीय सेना ने दो बार फ्लैग मीटिंग का अनुरोध किया, लेकिन चीन नहीं माना. फिर 20 जून को दोनों पक्षों के बीच यह मीटिंग हुई भी, मगर इसके बावजूद सीमा पर तनाव की स्थिति जारी है. वैसे डोका ला क्षेत्र में चीनी घुसपैठ की यह पहली घटना नहीं है, इसके पहले नवंबर 2008 में भी पीएलए ने यहां घुसपैठ कर भारत के कुछ सैन्य बंकर नष्ट कर दिए थे.

चीन की यह हरकत इस लिहाज से भी गंभीर है कि अभी पखवाड़े भर पहले ही कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में शंघाई कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मुलाकात हुई थी. इसके बावजूद चीन ने पिछले हफ्ते एक बार फिर पाकिस्तान की शह पर न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप (एनएसजी) में भारत की सदस्यता रोक दी थी.