भारत-नेपाल सीमा को किया गया सील, जानें ऐसा क्यों किया गया और कब सीमा खुलेगी

सोमवार को भारत-नेपाल सीमा पर बने झूलापुलों को एसएसबी ने सील कर द‌िया. आगामी कुछ द‌िनों के ल‌िए सीमा पर दोनों देशों के ल‌िए आवाजाही बंद रहेगी. नेपाल में 28 जून को होने वाले दूसरे चरण के निकाय चुनाव को देखते हुए सोमवार सुबह से अंतरराष्ट्रीय झूलापुल बंद कर दिए गए. बनबसा से लगती नेपाल सीमा को भी सील कर दिया गया है. झूलापुल बंद होने से धारचूला, झूलाघाट, जौलजीबी और बलुवाकोट बाजारों में भी सन्नाटा पसरा है.

इन बाजारों में नेपाल के गांवों से रोजाना तीन से चार हजार लोग खरीदारी के लिए आते हैं. भारतीय क्षेत्र से भी कई लोग नेपाल के बाजार में खरीदारी के लिए जाते है. पुल बंद होने से दोनों देशों के बीच आवाजाही बंद हो गई है. अब 29 जून की सुबह पुल खुलने के बाद ही आवाजाही शुरू हो पाएगी.

धारचूला में एसएसबी के जवानों ने सोमवार सुबह सात बजे पुल पर ताले जड़ दिए. उससे पहले एक घंटे तक पुल को आवाजाही के लिए खोला गया था, लेकिन सुबह बहुत कम संख्या में लोग भारतीय बाजारों में आए.

धारचूला में झूलापुल के किनारे नेपाल रोड पर स्थित 40 दुकानें सुबह से अस्थायी तौर पर बंद हो गई हैं, क्योंकि इन दुकानों से नेपाल के लोग ही सामान खरीदते हैं. झूलाघाट में भी यही हालात हैं.

पुल बंद होने से नेपाल की तरफ से एक भी व्यक्ति भारतीय बाजार में नहीं पहुंचा. डीएम सी रविशंकर के अनुसार नेपाल में चुनावों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है. नेपाल सीमा पर एसएसबी और पुलिस से लगातार गश्त करने को कहा गया है.

बनबसा से भी लगती नेपाल सीमा को सोमवार से सील कर दिया गया. सीओ आरएस रौतेला ने बताया कि नेपाल को जाने वाले नेपाली नागरिकों की आईडी देखकर पैदल नेपाल में प्रवेश कराया जा रहा है.

​इधर, एसएसबी 57वीं वाहिनी एफ कंपनी के कमांडर एसआई चंदन यादव ने बताया कि चुनाव वाले दिन 28 जून को सीमा पूरी तरह सील रहेगी. सीमा सील होने से बनबसा बाजार का करीब 12 से 15 लाख रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है. रोडवेज के एआरएम केएस राणा ने बताया कि भारत नेपाल सीमा सील होने से रोडवेज को चार लाख रुपये का नुकसान उठा पड़ा है.