ट्यूबलाइट लेके हाज़िर हैं उत्तराखंड के ब्रिजेंद्र काला, भविष्य में निर्देशन का भी इरादा

मुंबई एक ऐसी मायानगरी है, जहां दुनियाभर के बहुत से लोग अपनी किस्मत आजमाने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी शख्स होते हैं, जिनको खुद मायानगरी बुलाती है. उनके हुनर से कोई अछूता नहीं रहता. ऐसे लोग अपनी कला के दम पर अपना एक अलग मुकाम हासिल करते हैं. उत्तराखंड ने भी ऐसे ही कई नगीने मायानगरी को दिए हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. वह किसी भी भूमिका में हों, लेकिन उनके बगैर कोई भी पड़ाव पूरा होता नजर नहीं आता. ऐसा ही एक नाम है ब्रिजेन्द्र काला.
ईद के मौके पर रिलीज हो रही सलमान खान की फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ में ब्रिजेंद्र काला भी दिखायी देंगे. इससे पहले ब्रिजेन्द्र ने अपने अभिनय का लोहा ‘पानसिंह तोमर’, ‘पीके’, ‘जब वी मेट’ सरीखी फिल्मों में भी मनवाया है. उत्तरांचल टुडे के साथ खास बातचीत में उन्होंने अपनी जिंदगी के कई अनुभवों को साझा किया.
मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले ब्रिजेन्द्र का बचपन मथुरा में गुजरा. अपनी कला को निखारने का मौका उनको नाट्य मंचों ने दिया और छोटी उम्र ही उन्होंने आकाशवाणी के लिए प्रोग्राम देना शुरू कर दिया. पिता वेटनरी कॉलेज में नौकरी करते थे. अभिनय का पहला मौका उनको संदीपन विमलकांत नागर की फिल्म में मिला, जिसके बाद मुंबई से नाता जुड़ गया और आना-जाना शुरू हो गया.
ब्रिजेन्द्र पुराने दिन याद करते हुए कहते हैं कि उनको अपने स्ट्रगल के दिनों में बहुत परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा, लेकिन वह अपने मुकाम को हासिल करने की जिद में जुटे रहे. साल 2007 में ब्रिजेन्द्र को टीवी सीरियल में काम करने का मौका मिला और ‘जब लव हुआ’ सीरियल से उन्होंने दर्शकों के साथ नाता जोड़ा.
स्ट्रगल के दिनों के एक यादगार वाकये को याद करते हुए ब्रिजेन्द्र बताते हैं, ‘जब मैं यह सीरियल कर रहा था तो इसी दौरान मेरी मुलाकात प्रसिद्ध निर्देशक इम्तियाज़ अली से हुई और उन्होंने मझसे पूछा कि आज कल क्या कर रहे हो? मैंने कहा एक सीरियल में काम कर रहा हूं जिसका नाम है ‘जब लव हुवा.’ वहीं से इम्तियाज़ अली ने अपनी अगली फिल्म का नाम रखा ‘जब वी मेट’ और यही मेरी पहली चर्चित फिल्म भी बनी.’
इसके बाद तिग्मांशु धुलिया ने ‘पानसिंह तोमर’ में काम करने का ऑफर दिया और धीरे-धीरे थिएटर, सीरियल से उठकर ब्रिजेन्द्र काला ने बॉलीवुड में अपनी एक खास पहचान बना ली. सलमान खान अभिनीत ‘प्रेम रतन धन पायों’ में भी उनके काम को सराहा गया और फिर फिल्म ‘पीके’ में एक छोटी सी भूमिका को भी उन्होंने जीवंत करके दिखाया.
सलमान और आमिर खान सरीखे कलाकारों के साथ अनुभव कैसा रहा पूछने पर ब्रिजेन्द्र बताते हैं कि उनकी फिल्में एक उत्सव और जश्न की तरह से होती हैं, जिसमें कुछ तैयारी की जरूरत नहीं होती. सभी कलाकारों को सारी चीजें तैयार मिलती हैं, फिर चाहे वो डायलॉग हों या फिर डांस स्टेप हों. आपको बस जो बोला जाता है वही करना होता है. बहुत बड़े सेट्स तैयार किए जाते हैं, जिसमें सभी लोग अपना-अपना काम करते हैं.
ब्रिजेन्द्र बताते हैं कि बड़े-बड़े सेलेब्रिटी भी आम लोगों ही तरह ही होते हैं, लेकिन जनता के बीच जाने के बाद थोड़ी दूरी बनानी पड़ जाती है, ताकि काम समय से पूरा किया जा सके. सेट पर सभी लोगों के साथ वह भी घुल मिल जाते हैं और समय-समय पर सेलिब्रेट भी करते हैं. शायद यही बात उनको अलग भी बनाती है.
उत्तरांचल टुडे ने ब्रिजेन्द्र से उत्तराखंड और देश की नई युवा पीढ़ी के लिए उनकी तरफ से संदेश जानना चाहा तो उन्होंने बड़े ही उत्साह के साथ कहा, आजकल बहुत मौके हैं, जहां आप अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं। उन्होंने कहा, लेकिन जरूरत है पूरी तैयारी की. कला के क्षेत्र में अब प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ चुकी है, इसमें पूरी तैयारी करना बहुत जरूरी है. वह कहते हैं, एक्टिंग में जाने के इच्छुक युवा को थिएटर जरूर जाना चाहिए. उसके बिना आजकल के सिनेमा में पार पाना बहुत मुश्किल है. इसके अलावा वे कहते हैं कि धैर्य रखना भी बहुत जरूरी होता है, क्योंकि उसके बिना आजकल के युवा अपने लक्ष्य से भटकने में देरी नहीं लगाते हैं.
ब्रिजेन्द्र काला इस समय अपनी आने वाली फिल्म ‘लफंडर इश्क’ की शूटिंग के लिए भवाली आए हुए हैं, जिनमें उनके साथी कलाकार उत्तराखंड के ही हेमंत पांडे भी अभिनय कर रहे हैं. भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछने पर ब्रिजेन्द्र बताते हैं कि उन्होंने कई टीवी सीरियलों के लिए लेखन भी किया है. वह बताते हैं कि उन्होंने एकता कपूर के लिए भी लिखा है. अपनी लेखन क्षमता को और बढ़ाते हुए मैं भविष्य में निर्देशन भी करना चाहता हूं. लेकिन अभी एक्टिंग करियर को एन्जॉय कर रहा हूं.’