पंजाब और यूपी की तरह किसानों के ऋण माफ करे त्रिवेंद्र सरकार : कांग्रेस

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने गुरुवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से उत्तर प्रदेश और पंजाब की राज्य सरकारों की तरह ही राज्य के किसानों का कृषि ऋण माफ करने तथा उनकी अन्य समस्याओं पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की.

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मथुरादत्त जोशी ने अस्थायी राजधानी देहरादून में बताया कि मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में प्रदेश पार्टी अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने देश के अन्नदाता किसानों की उपेक्षा का मसला उठाते हुए इस बात पर चिंता जतायी और कहा कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पाने, समय पर खाद-बीज नहीं मिलने और बिजली एवं सिंचाई सुविधा में दिक्कतों के कारण वह लगातार कर्ज के बोझ से दबता जा रहा है.

उन्होंने कहा कि फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने से किसान बैंकों का कर्ज नहीं लौटा पा रहे हैं और देशभर के किसान अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर आन्दोलनरत हैं.

केन्द्र पर किसानों की समस्याओं के निदान के लिये अभी तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिए जाने का आरोप लगाते हुए प्रीतम सिंह ने कहा कि पूरे देश में किसानों की आत्महत्या के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है और औसतन हर दिन 35 किसान आत्महत्या कर रहे हैं.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि देश में किसानों की आत्महत्या से अभी तक अछूती देवभूमि उत्तराखंड को भी 16 जून, 2017 को पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग क्षेत्र में डौल डूंगर गांव के सुरेन्द्र सिंह की आत्महत्या से शर्मसार होना पड़ा है.

राज्य में और किसान आत्महत्या को बाध्य न हों, ऐसा उपाय करने का अनुरोध प्रदेश सरकार से करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, मैदानी जिलों में कुछेक किसानों को छोड़कर पर्वतीय जिलों में अत्यंत न्यूनतम जोत के किसान हैं, जिनकी समस्याएं भी काफी कम हैं.

उन्होंने कहा कि भौगोलिक परिस्थिति एवं छोटी तथा बड़ी जोत के किसानों की अलग-अलग समस्याओं के यथाशीघ्र अलग-अलग समाधान तलाशले हुए किसानों को उनकी समस्याओं से निजात दिलाने हेतु राज्य सरकार को अविलम्ब ठोस निर्णय लेने चाहिए.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि बीजेपी के दृष्टिपत्र के अनुरूप किसानों के हितों की रक्षा के लिए उत्तर प्रदेश एवं पंजाब की राज्य सरकारों की तरह उत्तराखंड के किसानों का ऋण माफ किया जाए.

उन्होंने कहा कि कृषि कार्य के लिए बिजली आधे दाम पर उपलब्ध कराने, फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया जाए और लागत से ड़ेढ गुना मूल्य पर किसानों का उत्पाद खरीदा जाए.

किसानों को कृषि कार्य हेतु ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाए, गन्ना किसानों का बकाया भुगतान शीघ्र किया जाए तथा मृतक किसान सुरेन्द्र सिंह के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए.