मानसून की रफ्तार पड़ी मंद, उत्तराखंड में अब 5 दिन देरी से पहुंचेगा

उत्तराखंड में इस बार मानसून करीब पांच दिन देरी से पहुंचेगा. मौसम विभाग के मुताबिक अभी पूर्वी उत्तर प्रदेश तक मानसून न पहुंचने की वजह से उत्तराखंड के मानसून में यह देरी होगी. हालांकि इससे कृषि या फसलों को कोई नुकसान पहुंचने की आशंका नहीं है.

मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक इस बार राज्य में सामान्य मानसून रहेगा. उन्होंने बताया कि अभी तक प्री-मानसून की बारिश का आंकड़ा काफी बेहतर है, लिहाजा कोई चिंताजनक बात नहीं है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून पहुंचने की औसत तिथि 15 जून है, जबकि उत्तराखंड में इसके पहुंचने की तिथि 21 जून है.

चूंकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में ही अभी तक मानसून नहीं पहुंचा है, इसलिए उत्तराखंड में भी उसी हिसाब से करीब पांच दिन लेट पहुंचेगा. इस बार उत्तराखंड में मानसून की शुरुआत 25 जून से होगी. मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल, 22, 23 व 24 जून को हल्की बारिश रहेगी. कुछ जगहों पर बौछारें पड़ेंगी, लेकिन 25 जून से बारिश का सिलसिला बढ़ेगा. 26 और 27 जून को राज्यभर में जमकर बारिश होगी. इन्हीं में से किसी दिन मानसून की घोषणा होगी.

मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में आंशिक बादल छाए रहेंगे. कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. राजधानी में भी आंशिक बादल छाए रहेंगे. कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है.

पिछले कुछ सालों में कब पहुंचा मानसून
साल मानसून पहुंचने की तारीख
2012 – 05 जून
2013 – 15 जून
2014 – 01 जुलाई
2015 – 24 जून
2016 – 21 जून
(बता दें कि मानसून पहुंचने की औसत तारीख 21/22 जून है)

किस साल मानसून में कितनी बारिश हुई
वर्ष बारिश(मिमी) सामान्य के मुकाबले
2012 – 1122.2 – (-10 प्रतिशत)
2013 – 1375.1 – (+12 प्रतिशत)
2014 897.6 – (-27 प्रतिशत)
2015 881.6 – (-28 प्रतिशत)
2016 1103.8 – (-10 प्रतिशत)
(उत्तराखंड में मानसून की सामान्य बारिश 1229.2 मिमी है)