लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी रिवर फ्रंट घोटाले की CBI जांच को हरी झंडी

लखनऊ, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती रिवर फ्रंट प्रॉजेक्ट में हुई अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है. योगी सरकार ने रिवर फ्रंट मामले में न्यायिक समिति की जांच के बाद दोषियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए नगर विकास विभाग मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में हाई पावर कमिटी बनाई थी. सीएम ने खन्ना समिति की रिपोर्ट देखने के बाद CBI जांच को हरी झंडी दे दी है.

 

खन्ना समिति ने रिपोर्ट में दोषियों पर कार्रवाई के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी. इसके पहले बनी न्यायिक समिति ने परियोजना से जुड़े जेई, एई, अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता, परियोजना अधिकारी, विभाग अध्यक्ष, प्रमुख सचिव सिंचाई और मुख्य सचिव को दोषी माना था. इस समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस परियोजना में सरकारी धन का काफी दुरुपयोग हुआ है. हर स्तर पर पैसे की बंदरबांट हुई है. ठेके देने में मनमानी की गई और बेहद साठगांठ के साथ काम किया गया. ऐसे में इस परियोजना की सीबीआई जांच होनी चाहिए.

 

हालांकि रिपोर्ट में समिति किसी की जिम्मेदारी तय नहीं कर सकी. इस मामले में नेताओं को शुरुआत से क्लीनचिट दी जा रही थी. अब जब जांच सीबीआई के हाथ में होगी तो नेताओं के भी इसके जद में आने की संभावना है. माना जा रहा है कि अब परियोजना के कैबिनेट अप्रूवल से लेकर हर आदेश की जांच होगी.