केदारनाथ आपदा की चौथी बरसी पर घाट में मॉक ड्रिल | राहत-बचाव कार्य की प्रैक्टिस हुई

उत्तराखंड में केदारनाथ धाम आपदा की चौथी बरसी पर शुक्रवार को घाट में उसी तरह की आपदा से निकटने के लिए मॉक ड्रिल की गई. मॉक ड्रिल में आपदा की सूचना म‌िलते ही अध‌िकारी मौके पर पहुंचे. वहीं एसडीआरएफ की टीम भी रेस्‍क्यू के ल‌िए रवाना हुई.

इस दौरान वहां से बड़ी संख्या में शवों को न‌िकालने की ड्रिल भी की गई. दरअसल यह सब हुआ आपदा न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से की गई मॉकड्रिल में.

शुक्रवार को मॉकड्रिल के तहत जिला आपदा कंट्रोल रूम से सुबह दस बजे तहसील घाट क्षेत्र में भारी बारिश के कारण घाट-भेंटी सड़क और पटवारी चौकी के पास आवासीय मकानों के भूस्खलन की चपेट में आने से कुछ लोगों के दबने की सूचना मिली.

घाट क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क बाधित होने के कारण वायरलेस सेट के माध्यम से अधिकारियों ने एक-दूसरे से संपर्क किया. तहसील स्तरीय सभी नोडल अधिकारी तहसील कंट्रोल रूम घाट में इकट्ठा हुए.

रेस्क्यू टीमें आपदा घटित होने के बीस मिनट बाद घटनास्थल पर पहुंची और मलबे में दबे पांच ग्रामीणों को रेस्क्यू किया गया. इनमें से दो घायलों को सीएचसी घाट भेजा गया, जबकि तीन का मौके पर ही मेडिकल टीम द्वारा इलाज किया गया.

ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए कहा गया. इंसीडेंट कमांडर एसडीएम घाट ने रेस्क्यू की मॉनेटरिंग की. रेस्क्यू टीमों ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्य किया.

डीएम आशीष जोशी, लाजिस्टिक ऑफिसर सीडीओ विनोद गोस्वामी और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने रेस्क्यू टीमों और नोडल अधिकारियों को मॉकड्रिल अभ्यास के दौरान उनके अनुभवों को जाना.